




मंत्री राजेश नागर ने बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में बताया कि इस बार कुल 15 मामलों पर विचार किया गया, जिनमें 7 पुराने और 8 नए मामले शामिल थे। इनमें से तीन पुराने और दो नए मामले लंबित रखे गए हैं, जिन्हें अगली बैठक में शामिल किया जाएगा। मंत्री नागर ने बताया कि लोगों को मिलावटी व मापदंडों पर खरा ना उतरने वाले खाद्य पदार्थ बेचने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।
बैठक के दौरान एक विधवा महिला ने अपनी शिकायत पर कार्रवाई न होने से नाराज होकर हंगामा कर दिया। महिला ने पुलिस विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी पर लाखों रुपये की रिश्वत लेने के गंभीर आरोप लगाए। इस घटना से बैठक में मौजूद अधिकारी असहज हो गए और माहौल तनावपूर्ण हो गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए बैठक में मौजूद अन्य अधिकारियों ने स्थिति को संभालने की कोशिश की।
मंत्री राजेश नागर ने कैथल हैफेड वायरल वीडियो—जिसमें गेहूं में पानी मिलाने के आरोप लगे थे—पर पूछे गए सवालों का भी जवाब दिया। उन्होंने कहा कि इस मामले में एक समिति का गठन कर जांच शुरू कर दी गई है। उन्होंने आश्वासन दिया कि जांच रिपोर्ट आने के बाद नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।




