Inkhabar Haryana, Raksha Bandhan 2025: इस रक्षाबंधन पर हरियाणा के कुरुक्षेत्र में एक अनूठी मिसाल देखने को मिल रही है। सामाजिक संस्था सेवा भारती की ओर से रक्षाबंधन के पावन अवसर पर स्वदेशी और पर्यावरण के अनुकूल गाय के गोबर से बनी राखियां तैयार की जा रही हैं, जो 21 हजार लोगों की कलाईयों की शोभा बनेंगी। यही नहीं, इन राखियों को देश की सीमाओं पर तैनात जवानों तक भी पहुंचाया जाएगा, जहां संस्था के प्रतिनिधि और बच्चे स्वयं जाकर वीर सैनिकों को यह पवित्र सूत्र बांधेंगे।
गाय के गोबर से बनीं स्वदेशी राखियां
इस पूरी मुहिम की अगुवाई गोमय स्वावलंबी यात्रा संयोजक तरुण जैन कर रहे हैं, जिन्होंने जानकारी दी कि ‘वात्सल्य वाटिका’ नामक स्थान पर इन विशेष राखियों को तैयार किया जा रहा है। इन राखियों की खासियत सिर्फ यह नहीं है कि ये गोबर से बनी हैं, बल्कि इनमें इमली के पाउडर, तुलसी के बीजों की सुगंध, और अन्य प्राकृतिक सामग्री का प्रयोग भी किया गया है, जिससे इन राखियों को पर्यावरण अनुकूल, सुगंधित और पूरी तरह से जैविक बनाया गया है।
तरुण जैन ने बताया कि यह पहल केवल राखी बांधने का कार्य नहीं है, बल्कि यह ‘वोकल फॉर लोकल’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ की दिशा में एक सार्थक कदम है, जो भारतीय परंपराओं को पुनर्जीवित करने के साथ-साथ युवाओं और बच्चों में राष्ट्रभक्ति और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना भी जगाता है।
सरहद पर तैनात जवानों के लिए भी जाएगी राखियों की सौगात
इस बार सेवा भारती की योजना सिर्फ स्थानीय स्तर तक सीमित नहीं है। संस्था ने घोषणा की है कि 9 अगस्त को रक्षाबंधन के दिन संस्था के स्वयंसेवक और बच्चे विशेष रूप से देश की सीमा पर तैनात जवानों से मिलने जाएंगे और अपने हाथों से राखी बांधकर उनका उत्साहवर्धन करेंगे। इस कार्य के जरिए बच्चों को न केवल देश सेवा का पाठ पढ़ाया जाएगा, बल्कि उन्हें यह भी समझाया जाएगा कि रक्षाबंधन केवल भाई-बहन का त्यौहार नहीं, बल्कि राष्ट्र रक्षा से जुड़े हर व्यक्ति के प्रति कृतज्ञता प्रकट करने का दिन भी है।