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Ramchandra Jangra: बॉर्डर पर बैठे किसानों की वजह से प्रदेश में नशे का विस्तार हुआ- रामचंद्र जांगड़ा

BY: • LAST UPDATED : December 13, 2024
Inkhabar Haryana, Ramchandra Jangra: राज्यसभा सांसद रामचंद्र जांगड़ा ने किसान आंदोलन को लेकर एक विवादास्पद बयान दिया है। उन्होंने किसान आंदोलन के दौरान राज्य में बढ़ते नशे, सामाजिक अपराधों और राजनीतिक अस्थिरता के लिए आंदोलन को जिम्मेदार ठहराया है। जांगड़ा ने दावा किया कि आंदोलन के चलते हरियाणा को भारी नुकसान हुआ है और इसने प्रदेश की सामाजिक व्यवस्था को भी प्रभावित किया है।

किसान आंदोलन के कारण नशे में वृद्धि का आरोप

सांसद रामचंद्र जांगड़ा ने कहा कि 2021 तक हरियाणा में मुख्य रूप से शराब और बीड़ी-सिगरेट के नशे का चलन था। लेकिन सिंघु बॉर्डर और बहादुरगढ़ बॉर्डर पर किसानों के लंबे समय तक बैठे रहने से नशे के अन्य रूपों में वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि बॉर्डर पर बैठे किसानों की वजह से प्रदेश में नशे का विस्तार हुआ है।

700 लड़कियों के लापता होने का दावा

सांसद ने एक गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि किसान आंदोलन के दौरान सिंघु और बहादुरगढ़ बॉर्डर के पास लगते गांवों से करीब 700 लड़कियां लापता हो गईं। उन्होंने इस मामले पर चिंता जताई और इसे किसान आंदोलन का अप्रत्यक्ष प्रभाव बताया।

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किसानों को ‘कसाई’ कहने पर विवाद

रामचंद्र जांगड़ा ने आंदोलनकारी किसानों पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि वे किसानों की तरह नहीं, बल्कि कसाई की तरह व्यवहार कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सड़कों पर किसानों ने विरोध के दौरान कई ऐसी घटनाएं कीं, जिनसे कानून-व्यवस्था बिगड़ी। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि सड़कों पर लोगों की लाशें लटकाई गईं।

किसान नेताओं पर निशाना

जांगड़ा ने किसान नेताओं गुरनाम सिंह चढूनी और राकेश टिकैत पर भी हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि ये नेता हरियाणा के किसानों को गुमराह कर रहे हैं। जांगड़ा ने कहा कि चुनाव के बाद इन नेताओं की जमानत जब्त हो गई, लेकिन ये अभी भी किसानों को भड़काने का काम कर रहे हैं।

राज्यसभा सांसद का मानना है कि किसान आंदोलन ने हरियाणा की अर्थव्यवस्था और सामाजिक ढांचे को नुकसान पहुंचाया है। उन्होंने इसे प्रदेश की छवि खराब करने वाला बताया और कहा कि आंदोलन ने न केवल किसानों बल्कि आम नागरिकों के जीवन को भी प्रभावित किया।