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Rao Narbir: नूंह में किसानों के धरने को हटाने का आदेश, उद्योग मंत्री राव नरबीर ने कहा- जल्द खत्म हो विरोध

BY: • LAST UPDATED : December 26, 2024
Inkhabar Haryana, Rao Narbir: हरियाणा के नूंह जिले में नौ गांवों के किसानों का अनिश्चितकालीन धरना, जो फरवरी 2024 से धीरदोका गांव में जारी है, को समाप्त करने के आदेश दिए गए हैं। उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर ने बुधवार को ग्रेवेंस कमेटी की अध्यक्षता करते हुए नूंह के एसपी को यह निर्देश दिए। मंत्री ने कहा कि धरने को जल्द हटाया जाए ताकि आईएमटी रोजकामेव के विकास कार्य बाधित न हो।

क्या है धरने का कारण?

2010 में, नूंह के नौ गांवों—खेड़ली कंकर, मेहरोला, बडेलाकी, कंवरसीका, रोजकामेव, धीरदोका, रूपाहेड़ी, खोड (बहादरी) और रेवासन—की 1600 एकड़ भूमि आईएमटी परियोजना के लिए अधिग्रहित की गई थी। इसके लिए सरकार ने प्रति एकड़ 25 लाख रुपये मुआवजा दिया। बाद में फरीदाबाद के चंदावली और मच्छगर गांवों की भूमि अधिग्रहण के बाद किसानों को कोर्ट के आदेश पर प्रति एकड़ दो करोड़ रुपये मुआवजा मिला।

इस जानकारी के बाद नूंह के किसानों ने सरकार से समान मुआवजा मांगा। हालांकि, उन्हें केवल 21 लाख रुपये प्रति एकड़ मिले और 25 लाख रुपये प्रति एकड़ देने का वादा किया गया। लेकिन यह वादा आज तक पूरा नहीं हुआ। इसी मुद्दे को लेकर किसान 29 फरवरी 2024 से अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हैं।

महापंचायत और किसानों की मांग

धरने के दौरान किसानों ने कई बार महापंचायत आयोजित की, जिसमें भारतीय किसान यूनियन हरियाणा के प्रदेशाध्यक्ष रवि आजाद, दिल्ली किसान मोर्चा के अध्यक्ष सत्येंद्र लोचव, और अन्य प्रमुख किसान नेता शामिल हुए। किसानों ने जिला प्रशासन के साथ कई बैठकें कीं, लेकिन कोई ठोस समाधान नहीं निकला।

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धरना समाप्त करने का आदेश

आईएमटी रोजकामेव से संबंधित शिकायतों की सुनवाई करते हुए उद्योग मंत्री राव नरबीर ने एसपी नूंह को तुरंत कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि धरना हटाने से आईएमटी का काम तेजी से पूरा होगा।