




Inkhabar Haryana, Renu Bhatia on Manisha Murder Case: भिवानी जिले की शिक्षिका मनीषा की संदिग्ध मौत का मामला लगातार सुर्खियों में है। यह मामला सिर्फ एक परिवार या एक गांव का नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश की संवेदनाओं और न्याय व्यवस्था की कसौटी बन चुका है। मनीषा की मौत के बाद उठे सवालों और परिजनों की लगातार मांगों ने इस केस को और जटिल बना दिया है। दो बार पोस्टमार्टम के बावजूद मौत के कारणों पर स्पष्ट तस्वीर सामने न आने से परिजनों और ग्रामीणों का आक्रोश थम नहीं रहा था। इसी दबाव और न्याय की मांग के चलते अब हरियाणा सरकार ने मनीषा की मौत की सीबीआई जांच और एम्स दिल्ली में तीसरी बार पोस्टमार्टम कराने की मंजूरी दे दी है।
बुधवार दोपहर हरियाणा राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष रेनु भाटिया सिरसा के ढिगावामंडी रेस्ट हाउस पहुंचीं। उन्होंने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर भरोसा दिलाया कि सरकार और महिला आयोग हर कदम पर उनके साथ खड़ा है। भाटिया ने कहा कि मामले के हर पहलु की गहनता से जांच होगी और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने पुलिस अधिकारियों से भी बातचीत की और साफ निर्देश दिए कि चाहे मामला हत्या का हो या आत्महत्या का, जांच ऐसी होनी चाहिए जिससे परिजनों का विश्वास कायम हो।
बुधवार सुबह मनीषा के शव को अंतिम संस्कार के लिए गांव ढिगावा लाया गया था, लेकिन परिजनों ने उसे लेने से इंकार कर दिया। इसके बाद शव को फिर से जिला नागरिक अस्पताल भिवानी के शवगृह में रखा गया। हालात को देखते हुए आईपीएस प्रतीक अग्रवाल भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और एंबुलेंस के जरिए शव को दिल्ली एम्स रवाना किया गया। शव के साथ दो परिजन भी मौजूद हैं। एम्स में डॉक्टरों की टीम तीसरी बार पोस्टमार्टम करेगी और इस बार नए सैंपल लेकर जांच की जाएगी। इन्हीं साक्ष्यों के आधार पर यह स्पष्ट होगा कि मनीषा की मौत हत्या थी या आत्महत्या।
अब तक हुए दो पोस्टमार्टम में विरोधाभासी बातें सामने आईं। पहला पोस्टमार्टम (भिवानी जिला नागरिक अस्पताल) रिपोर्ट में सामने आया कि मनीषा का गला तेजधार हथियार से काटा गया था। श्वास और भोजन नली भी कटी हुई पाई गई। इसी आधार पर पुलिस ने हत्या का केस दर्ज कर एसआईटी गठित की।
दूसरा पोस्टमार्टम (रोहतक पीजीआई) एफएसएल रिपोर्ट में मौत का कारण जहरीला पदार्थ निगलना बताया गया। साथ ही शव को कुत्तों और जंगली जानवरों द्वारा नोंचे जाने की बात सामने आई। इस रिपोर्ट से परिजन संतुष्ट नहीं हुए और उन्होंने इसे नकार दिया।
गांव ढाणी लक्ष्मण में परिजन और ग्रामीण पिछले कई दिनों से धरने पर बैठे हैं। मंगलवार को धरना स्थल पर किसान नेता गुरनाम सिंह चढूनी, सुरेश कौथ और कई संगठनों के पदाधिकारी पहुंचे। इससे आंदोलन को और बल मिला। ग्रामीणों ने साफ कहा कि जब तक निष्पक्ष जांच और सही निष्कर्ष सामने नहीं आते, वे पीछे नहीं हटेंगे।




