क्या हैं पूरा मामला?
जानकारी के मुताबिक, हादसा 27 जुलाई को उस समय हुआ, जब परशुराम कॉलोनी निवासी मोनू अपनी 10 वर्षीय बेटी रिशु और परिवार के अन्य सदस्यों के साथ एक सगाई कार्यक्रम में शामिल होकर लौट रहा था। यह कार्यक्रम तीज के मौके पर दिल्ली-जयपुर हाईवे पर कसौला चौक के पास एक होटल में आयोजित किया गया था। रिशु अपने ताऊ सोनू के साथ बाइक पर सवार थी। जब वे जाटूवास गांव के पास पहुंचे, तो अचानक आसमान से लटकता एक चाइनीज मांझा रिशु की गर्दन में लिपट गया। मांझे की धार इतनी तेज़ थी कि उसने बच्ची की गर्दन की नस काट दी। खून से लथपथ हालत में उसे तुरंत एक निजी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन अत्यधिक रक्तस्राव के चलते डॉक्टर उसे बचा नहीं सके।
प्रशासन में मचा हड़कंप
मासूम की मौत से पूरा परिवार गहरे सदमे में है। इस घटना ने न सिर्फ रेवाड़ी, बल्कि पूरे जिले में सनसनी फैला दी। चाइनीज मांझे की बिक्री और इस्तेमाल पर पहले से ही प्रतिबंध है, इसके बावजूद खुलेआम इसका व्यापार प्रशासन की लापरवाही को दर्शाता है। हालांकि मृत बच्ची के परिवार की ओर से कोई औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है, लेकिन पुलिस ने स्वतः संज्ञान लेते हुए जांच शुरू कर दी है।
चार आरोपी गिरफ्तार
हादसे के बाद पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए तीन अलग-अलग जगहों पर छापेमारी की। इस दौरान पुलिस ने चार लोगों को गिरफ्तार किया अशोक कुमार, प्रकाश, त्रिवेन्द्र और एक अन्य व्यक्ति। इन सभी पर चाइनीज मांझा बेचने और प्रतिबंधित सामग्री के अवैध व्यापार से संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जिले में चाइनीज मांझे की सप्लाई चेन को तोड़ने के लिए और भी स्थानों पर छापेमारी की जाएगी। साथ ही आमजन से भी अपील की गई है कि इस तरह के खतरनाक मांझे का प्रयोग न करें और इसके विक्रेताओं की जानकारी पुलिस को दें।