Advertisement
Advertisement
होम / Rewari News: इस गांव में गंदा पानी पीने को मजबूर ग्रामीण, टैंकों में जमी गंदगी, पानी में कीड़े

Rewari News: इस गांव में गंदा पानी पीने को मजबूर ग्रामीण, टैंकों में जमी गंदगी, पानी में कीड़े

BY: • LAST UPDATED : December 14, 2024
Inkhabar Haryana, Rewari News: रेवाड़ी जिले के कोसली कस्बे का छव्वा गांव आजकल गंभीर समस्या का सामना कर रहा है। गांव में पीने के लिए जो पानी सप्लाई किया जा रहा है, वह बेहद दूषित है। पानी के टैंकों में काई जमा है, कीड़े चलते दिखाई देते हैं और पानी से दुर्गंध आती है। यह स्थिति तब है जब यह गांव रेवाड़ी से भाजपा विधायक लक्ष्मण यादव का पैतृक गांव है। ग्रामीणों का कहना है कि इस पानी से स्किन इंफेक्शन और अन्य बीमारियों का खतरा बना हुआ है।

गंदे पानी की आपूर्ति, स्वास्थ्य पर संकट

गांव में वाटर सप्लाई के तहत पीने के पानी की सप्लाई के लिए बड़े टैंक बनाए गए हैं। इन्हीं टैंकों के जरिए घर-घर पानी पहुंचाया जाता है। लेकिन ग्रामीणों के अनुसार, इन टैंकों में लंबे समय से सफाई नहीं हुई है। सतबीर यादव, प्रदीप, अनिल, सविता और सुमन समेत कई ग्रामीणों ने बताया कि पानी इतना गंदा है कि इसे जानवर भी पी लें तो बीमार हो सकते हैं। कुछ दिनों पहले, टैंकों से मरे हुए जानवर निकाले गए थे, और तब से स्थिति और खराब हो गई है।

ग्रामीणों ने बताया कि पानी में काई और कीड़े इतने अधिक हैं कि यह घरों तक पहुंच रहे हैं। पीने के अलावा खाना पकाने और अन्य उपयोगों के लिए भी यह पानी असुरक्षित है। हालात ऐसे हैं कि लोगों के पास कोई दूसरा विकल्प न होने के कारण उन्हें मजबूरी में यह गंदा पानी पीना पड़ रहा है।

Advertisement

प्रशासन की उदासीनता

गांव की सरपंच ने बताया कि ग्रामीणों ने इस समस्या के समाधान के लिए कई बार प्रशासन से शिकायत की है। लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि टैंकों की सफाई तक नहीं हुई है। कई बार अधिकारियों को सूचित किया गया, लेकिन हर बार आश्वासन के अलावा कुछ नहीं मिला।

ग्रामीणों के अनुसार, दूषित पानी की वजह से गांव में त्वचा संबंधी बीमारियां फैल रही हैं। दूषित पानी से स्वास्थ्य संबंधी गंभीर समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं, लेकिन प्रशासन की लापरवाही के कारण स्थिति जस की तस बनी हुई है।

क्या है समाधान?

सरपंच और ग्रामीणों ने प्रशासन से गुहार लगाई है कि जल्द से जल्द इन टैंकों की सफाई कराई जाए और वाटर सप्लाई व्यवस्था को दुरुस्त किया जाए। साथ ही, समय-समय पर टैंकों की जांच और सफाई सुनिश्चित की जाए ताकि ग्रामीणों को स्वच्छ और सुरक्षित पानी मिल सके।