




जगह की कमी के चलते स्कूल अब दो शिफ्टों में संचालित किया जा रहा है, जिससे बच्चों और शिक्षकों को परेशानी हो रही है। ग्रामीणों का कहना है कि सरकार और शिक्षा विभाग की लापरवाही के कारण बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
ग्रामीणों ने प्रदर्शन के लिए भैंस के सामने बिन बजाने का प्रतीकात्मक तरीका चुना। इस कहावत का अर्थ होता है कि किसी बात का कोई असर न होना। उनका कहना है कि पंचायत द्वारा करोड़ों रुपये दिए जाने के बावजूद, सरकार और शिक्षा विभाग ने इस मुद्दे पर ध्यान नहीं दिया। प्रदर्शन का उद्देश्य था सरकार और प्रशासन की “नींद” खोलना।
प्रदर्शन के दौरान ग्रामीण राहुल दादू ने कहा कि स्कूल की बिल्डिंग गिराने के बाद से बच्चों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि प्रशासन की उदासीनता अब असहनीय हो चुकी है। ग्रामीणों ने मांग की कि स्कूल की नई बिल्डिंग का निर्माण शीघ्र कराया जाए। इस मुद्दे पर सरकार और शिक्षा विभाग ने अब तक कोई ठोस जवाब नहीं दिया है। प्रदर्शन के बाद उम्मीद है कि प्रशासन इस मामले में संज्ञान लेकर कार्रवाई करेगा।




