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Samalkha Anti-Encroachment Drive: हरियाणा के इस जिले में नगर पालिका की बड़ी कार्रवाई, अतिक्रमण पर चला पीला पंजा, दुकानदारों में मचा हड़कंप

BY: • LAST UPDATED : July 19, 2025

Inkhabar Haryana, Samalkha Anti-Encroachment Drive: हरियाणा के पानीपत में नगर क्षेत्र को अतिक्रमण मुक्त बनाने की दिशा में शुक्रवार को नगर पालिका समालखा ने एक बार फिर कड़ी कार्रवाई की। दुकानदारों को पहले ही एक सप्ताह का अल्टीमेटम देने के बाद जब अतिक्रमण नहीं हटा, तो नगर पालिका ने पुलिस बल के साथ मिलकर बाजार में छप्परों और नालों पर बने थड़ों को तोड़ना शुरू कर दिया। यह कार्रवाई दो जेसीबी मशीनों की मदद से दोपहर 2 बजे शुरू हुई और देर शाम तक चली।

फ्लाइओवर से शुरू हुई कार्रवाई

नगर पालिका सचिव मनीष शर्मा, JE गौरव कुमार और सफाई निरीक्षक विकास नरवाल की अगुआई में यह अभियान पुराने बस अड्डे के फ्लाइओवर के नीचे से शुरू हुआ। यहां से अवैध रूप से खड़ी रेहड़ियों और फड़ी वालों को हटाया गया। इसके बाद कार्रवाई जीटी रोड स्थित शराब ठेके और पीछे की मार्केट में की गई, जहां अवैध निर्माण को हटाया गया। कार्रवाई यहीं नहीं रुकी। रेलवे रोड पर पुराने बस अड्डे से लेकर रेलवे स्टेशन तक बने थड़ों और छप्परों को भी जमींदोज कर दिया गया। कई दुकानदारों ने स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए खुद ही अपने थड़े और छज्जे तोड़ने शुरू कर दिए।

पुलिस बल रहा तैनात

अभियान के दौरान समालखा थाना प्रभारी दीपक कुमार, चौकी इंचार्ज जितेन्द्र, और सिटी ट्रैफिक इंचार्ज सतीश सैनी अपनी पुलिस टीम के साथ मौजूद रहे। किसी प्रकार की अशांति या विरोध की स्थिति से निपटने के लिए पूरी तैयारी की गई थी। हालांकि कार्रवाई के दौरान कुछ दुकानदारों ने हल्का विरोध भी दर्ज कराया। उनका कहना था कि नाले पर बने थड़े हटाने से अब दुकान में घुसने का रास्ता भी बंद हो गया है। इसके अलावा बरसात के मौसम में खुले में मच्छरों और गंदगी की समस्या बढ़ जाएगी।

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कुछ दुकानदारों ने यह भी आरोप लगाया कि पालिका ने प्रभावशाली लोगों के थड़े नहीं तोड़े, बल्कि खानापूर्ति करते हुए चुनिंदा दुकानों को निशाना बनाया गया। रेलवे रोड की कई दुकानें इस दौरान बंद रखी गईं, जिससे कारोबार प्रभावित हुआ।

नगर पालिका का पक्ष

पालिका सचिव मनीष शर्मा ने स्पष्ट किया कि दुकानदारों को पहले ही एक सप्ताह का समय दिया गया था और बार-बार मुनादी भी करवाई गई थी। बावजूद इसके कई दुकानदारों ने अतिक्रमण नहीं हटाया, जिस कारण यह सख्त कार्रवाई करनी पड़ी। उन्होंने बताया कि चूंकि सफाई निरीक्षक स्थायी नहीं हैं और हफ्ते में केवल दो दिन ही आते हैं, इसलिए अगली कार्रवाई अगले शुक्रवार को दोबारा की जाएगी। उन्होंने आगे कहा कि कुछ दुकानदार स्वयं ही अपने थड़े और छज्जे हटा रहे हैं। हमारा लक्ष्य है कि जल्द ही समालखा शहर को पूरी तरह अतिक्रमण मुक्त कर दिया जाए।