Inkhabar Haryana, Samalkha Illegal Land Possession: नेशनल हाईवे से सटे समालखा इंडस्ट्रियल एरिया में स्थित SMH मेडिकेयर हॉस्पिटल इन दिनों नगर पालिका की भूमि पर अवैध कब्जे को लेकर चर्चा में बना हुआ है। लंबे समय से मीडिया में चल रही इस खबर पर आखिरकार प्रशासन ने सख्त संज्ञान लिया है। शुक्रवार को जिला नगर आयुक्त और अतिरिक्त उपायुक्त (एडीसी) डॉ. पंकज द्वारा की गई सुनवाई में कई बड़े फैसले लिए गए।
PP कपूर की शिकायत बनी कार्रवाई की वजह
RTI एक्टिविस्ट पीपी कपूर द्वारा की गई शिकायत पर हुई इस सुनवाई में स्पष्ट हुआ कि हॉस्पिटल प्रबंधन ने नगर पालिका की भूमि को अपनी बताकर फर्जी रजिस्ट्री करवा ली और उस पर निर्माण भी कर लिया। कपूर ने जाँच अधिकारियों के समक्ष नक्शे व अभिलेख प्रस्तुत करते हुए यह सिद्ध किया कि कैसे एक सुनियोजित तरीके से पालिका भूमि पर अवैध कब्जा किया गया और उसे निजी संपत्ति की तरह रजिस्टर्ड करवाया गया।
ADC ने दिए रजिस्ट्री रद्द करने और दीवार बनाने के आदेश
जाँच में तथ्य सामने आने के बाद एडीसी डॉ. पंकज ने एसडीएम अमित कुमार को निर्देश दिए कि एसएमएच हॉस्पिटल के नाम दर्ज रजिस्ट्री को रद्द करने की प्रक्रिया शुरू की जाए और उस भूमि पर दीवार बनाकर पालिका का कब्जा बहाल किया जाए। इसके लिए जिला अधिकारी (डीसी) को केस बनाकर भिजवाने के निर्देश भी दिए गए।
जांच में उपस्थित रहे कई अधिकारी व पक्षकार
इस दौरान जांच बैठक में नगर पालिका सचिव मनीष शर्मा, जेई गौरव, प्रॉपर्टी टैक्स क्लर्क प्रिंस, गौरव, रविंद्र, हल्का पटवारी दीपक, अस्पताल निदेशक धीरेन्द्र, प्लॉट विक्रेता बबिता जिंदल और रितिक जिंदल समेत अन्य संबंधित अधिकारी व पक्षकार उपस्थित रहे।
नक्शा, आईडी, एनडीसी सब फर्जीवाड़े की कड़ी
कपूर ने बताया कि नगर पालिका के अधिकारियों ने मिलीभगत से फर्जी प्रॉपर्टी आईडी और एनडीसी (नो ड्यूज सर्टिफिकेट) जारी कर दिए, जिससे अस्पताल की रजिस्ट्री संभव हो सकी। इतना ही नहीं, एक निजी आर्किटेक्ट की गारंटी पर अवैध कब्जे सहित अस्पताल के निर्माण का नक्शा भी स्वीकृत करवा दिया गया। गौर करने वाली बात यह भी है कि अस्पताल को कोई वैध रास्ता नहीं लगता, इसलिए जीटी रोड पर स्थित पालिका भूमि पर फर्जीवाड़े से रास्ता बनाया गया।
अस्पताल संचालकों ने पालिका के खंभे उखाड़ फेंके
पालिका की ओर से जब अपनी भूमि पर खंभे लगाकर कब्जा पुनः लेने का प्रयास किया गया, तो अस्पताल संचालकों ने वे खंभे उखाड़ फेंके। इस बात की पुष्टि पालिका सचिव मनीष शर्मा ने स्वयं की, जिससे अधिकारी भड़क उठे।
अस्पताल निदेशक ने दी सफाई
हालांकि अस्पताल निदेशक धीरेन्द्र ने एडीसी को बताया कि उन्होंने कोई अवैध कब्जा नहीं किया है, लेकिन हल्का पटवारी दीपक की रिपोर्ट ने उनकी बात को झूठा साबित कर दिया। पटवारी ने बताया कि रजिस्ट्री जिस किल्ला नंबर 20//25/2 की है, वह जीटी रोड से नहीं लगता। वहीं, जो भूमि जीटी रोड से लगती है, वह पालिका की जमीन (किला नंबर 19//21) है।
अगली सुनवाई तक रिपोर्ट तलब
इस पूरे घटनाक्रम से नाराज एडीसी डॉ. पंकज ने पालिका अधिकारियों को भी कड़ी फटकार लगाते हुए कहा कि जब भूमि पालिका की है, तो पीपी एक्ट की बजाय सीधे दीवार बनाकर कब्जा लिया जाना चाहिए था। उन्होंने जेई गौरव को निर्देश दिए कि अस्पताल की प्रॉपर्टी आईडी, एनडीसी, नक्शा और ऑक्यूपेशन सर्टिफिकेट समेत अन्य सभी रिकॉर्ड अगली सुनवाई तक प्रस्तुत किए जाएं।