




13 अप्रैल 2024 को यूपी एसटीएफ ने प्रयागराज के चर्चित उमेश पाल हत्या कांड में शामिल असद और गुलाम को झांसी में एक मुठभेड़ के दौरान मार गिराया। यह कार्रवाई न केवल अपराध पर नकेल कसने का प्रतीक बनी बल्कि पुलिस बल के साहस और दृढ़ संकल्प का भी उदाहरण बनी। इस ऑपरेशन में शामिल निम्नलिखित अधिकारियों को गैलेंट्री मेडल से सम्मानित किया गया:
बुलंदशहर में 31 मामलों में वांछित और 1 लाख के इनामी अपराधी मेहरबान को यूपी एसटीएफ ने बहादुरी से मुठभेड़ में मार गिराया। इस मिशन को सफल बनाने वाले अधिकारियों को उनके साहसिक योगदान के लिए शौर्य सम्मान दिया गया:
कानपुर के कुख्यात विकास दुबे गैंग के सदस्य प्रवीण दुबे को 9 जुलाई 2020 को इटावा में पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान मार गिराया। इस साहसी कार्रवाई में शामिल अधिकारियों को भी सम्मानित किया गया:
बिजनौर में पुलिस हिरासत से फरार अपराधी आदित्य राणा उर्फ रवि को 12 अप्रैल 2024 को मुठभेड़ में मार गिराने वाले निरीक्षक राजीव चौधरी को गैलेंट्री मेडल से नवाजा गया। वहीं, हापुड़ में मिशन शक्ति अभियान के तहत महिला सुरक्षा और समस्याओं के निवारण में अहम योगदान देने वाली इंस्पेक्टर अरुणा राय को उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए शौर्य सम्मान प्रदान किया गया।




