




मीटिंग के दौरान गांव तामसपुरा निवासी जगदीश के जमीन विवाद का मामला गरमाया। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि उसकी और उसके भाई की 14 कनाल 18 मरले जमीन पर प्रशासन ने रातोंरात कब्जा कर लिया। इस पर चेयरमैन वेद फुलां ने शिकायकर्ता का पक्ष रखते हुए कहा कि राजस्व विभाग रात में इस प्रकार की कार्रवाई नहीं कर सकता।

वेद फुलां और डीसी मंदीप कौर के बीच तीखी बहसबाजी
डीसी मंदीप कौर ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि अगर रात में कब्जा लिया गया है, तो इसके सबूत पेश करें। प्रशासन ऐसी कार्रवाई नहीं करता। इस बयान के बाद दोनों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई। बहस के दौरान वेद फुलां ने यहां तक कह दिया कि अगर हमारी बात नहीं सुनी जाएगी, तो हम मीटिंग छोड़कर चले जाएंगे। हालांकि, मंत्री श्रुति चौधरी ने हस्तक्षेप कर मामला शांत कराया और कहा कि समिति का उद्देश्य किसी एक पक्ष का समर्थन करना नहीं है, बल्कि न्याय सुनिश्चित करना है।
रतिया क्षेत्र में सीवरेज लीकेज की समस्या पर भी बैठक में चर्चा हुई। नगर पालिका, हुडा और लोक निर्माण विभाग एक-दूसरे पर आरोप लगाते नजर आए। इस पर मंत्री श्रुति चौधरी ने नाराजगी जताते हुए कहा कि इस मामले को जल्द निपटाएं। शिकायतकर्ता को विभागों के चक्कर न काटने पड़ें।
बता दें कि, बैठक में कुल 17 मामलों की सुनवाई हुई, जिनमें से 7 को मौके पर ही निपटा दिया गया। अन्य मामलों को जांच के लिए समिति गठित करने और विभागीय अधिकारियों से रिपोर्ट मांगने की प्रक्रिया शुरू की गई।
बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में मंत्री श्रुति चौधरी ने कहा कि हरियाणा सरकार किसानों के प्रति पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में फसलों पर एमएसपी दी जा रही है और किसानों की सभी जायज मांगों को लेकर सरकार बातचीत के लिए तैयार है। उन्होंने यह भी कहा कि जनपरिवाद समिति का उद्देश्य ही यह है कि सभी नागरिकों को न्याय मिले।




