




Siddiqui’s murder: कैथल जिले के नरड़ गांव का रहने वाला 23 वर्षीय गुरमेल सिंह, एक संगीन अपराध के मामले में फंस गया, जिसकी शुरुआत जेल में हुई एक मुलाकात से मानी जा रही है। गुरमेल का नाम एनसीपी नेता और पूर्व मंत्री बाबा सिद्दीकी की हत्या के मामले में सामने आया है। यह कहा जा रहा है कि गुरमेल की जेल में जीशान अख्तर से हुई मुलाकात ने उसकी जिंदगी की दिशा बदल दी और उसे अपराध की दुनिया में धकेल दिया।
गुरमेल का परिवार पहले से ही झगड़ों और विवादों से भरा हुआ था, जिससे उसकी सोच भी आपराधिक प्रवृत्ति की हो गई थी। जीशान अख्तर पर पहले से ही हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट के तहत दो मामले दर्ज थे। 21 अगस्त 2022 को जीशान को कैथल पुलिस पंजाब की कपूरथला जेल से प्रोटेक्शन वारंट पर कैथल लेकर आई थी। यहीं पर उसकी मुलाकात गुरमेल से हुई, और दोनों के बीच दोस्ती हो गई।
दोनों लगभग 15 महीने तक कैथल जेल की स्पेशल सेल में एक साथ रहे, जिससे उनके बीच करीबी बढ़ी। इसके बाद जीशान को कोर्ट से जमानत मिल गई और कपूरथला पुलिस ने उसे 17 नवंबर 2023 को वापस ले लिया। जेल से बाहर आने के बाद भी दोनों के बीच संपर्क बना रहा। इसके बाद दोनों मुंबई चले गए, जहां एनसीपी नेता बाबा सिद्दीकी की हत्या की घटना हुई। पुलिस सूत्रों के अनुसार, अगर गुरमेल की जीशान से मुलाकात न होती, तो वह लॉरेंस गैंग का हिस्सा नहीं बनता और शायद उसकी जिंदगी का रुख अलग होता।
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