




नगर निगम ने वेरिफिकेशन को सुगम बनाने के लिए वार्डों को चार समूहों में विभाजित किया है। बुधवार को कैंप के दौरान उपायुक्त ने स्थल का निरीक्षण किया और अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि पेंशन वेरिफिकेशन में किसी भी बुजुर्ग के साथ दुर्व्यवहार न हो। उन्होंने कहा कि अगर किसी व्यक्ति के दस्तावेज अधूरे हैं, तो उसे समझदारी और संयम से मार्गदर्शन दिया जाए।
उपायुक्त ने यह भी कहा कि कैंप स्थल पर बुजुर्गों के लिए बैठने की उचित व्यवस्था होनी चाहिए और टोकन प्रणाली का पालन सख्ती से किया जाए ताकि किसी को परेशानी न हो। उन्होंने भरोसा दिलाया कि किसी भी पेंशनधारक की पेंशन बिना कारण बंद नहीं की जाएगी और दस्तावेज पूरे करने के लिए दोबारा मौका दिया जाएगा।
हालांकि, वेरिफिकेशन प्रक्रिया के दौरान कई बुजुर्गों ने अव्यवस्थाओं पर नाराजगी व्यक्त की। कैंप स्थल पर बैठने की सुविधा का अभाव था, और बुजुर्ग इधर-उधर भटकते नजर आए। गर्मी और धूप के कारण स्थिति और अधिक असुविधाजनक हो गई। बुजुर्गों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए बेहतर प्रबंधन की मांग की।
एक बुजुर्ग ने कहा कि हम सुबह से यहां खड़े हैं, लेकिन न तो बैठने की व्यवस्था है और न ही हमारी कोई सुनवाई हो रही है। यह बुजुर्गों का सम्मान नहीं है।
सोनीपत नगर निगम के इस प्रयास का उद्देश्य पेंशनधारकों की सुविधा और समस्याओं का समाधान करना है, लेकिन व्यवस्थाओं में सुधार की आवश्यकता है। उम्मीद है कि प्रशासन बुजुर्गों की समस्याओं को ध्यान में रखते हुए बेहतर प्रबंधन करेगा।
पेंशनधारकों से अपील है कि वे बिना किसी भय के अपने दस्तावेज लेकर कैंप में पहुंचे और प्रक्रिया पूरी करें। प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि वेरिफिकेशन प्रक्रिया को सुचारू बनाने के लिए हरसंभव कदम उठाए जाएंगे।




