Inkhabar Haryana, Sonipat News: नगर निगम के सफाई कर्मचारियों ने वेतन न मिलने के विरोध में बुधवार को नगर निगम कार्यालय के गेट पर ताला जड़ दिया और कचरे से भरी रेहड़ियों को कार्यालय के सामने खड़ा कर प्रदर्शन किया। इस हड़ताल के कारण निगम कार्यालय के अधिकारी और कर्मचारी अंदर नहीं जा सके, यहां तक कि नवनियुक्त नगर निगम आयुक्त हर्षित कुमार को भी अपने पहले ही दिन कार्यालय में प्रवेश नहीं मिल पाया। उन्होंने स्थिति को संभालने के लिए PWD कार्यालय में बैठक की और बाद में सफाई कर्मचारियों से मुलाकात कर उन्हें वेतन शीघ्र दिलाने का आश्वासन दिया, जिसके बाद गेट खोला गया।
तीन महीने से वेतन न मिलने पर विरोध
नगरपालिका कर्मचारी संघ के इकाई प्रधान भारत कंडेरा ने बताया कि सफाई कर्मियों की मांगों को लेकर सरकार और अधिकारियों की ओर से कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। संविदा कर्मचारियों को तीन महीने से वेतन नहीं मिला है, जबकि पक्के कर्मचारी एलटीसी (लीव ट्रैवल कंसेशन) और एसीपी (अश्योर्ड करियर प्रोग्रेशन) भुगतान की मांग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार कर्मचारियों को आंदोलन करने के लिए मजबूर कर रही है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
आयुक्त ने वेतन शीघ्र दिलाने का दिया आश्वासन
नवनियुक्त नगर निगम आयुक्त हर्षित कुमार ने सफाई कर्मचारियों के प्रतिनिधिमंडल से बातचीत की और उनकी समस्याओं को समझने के बाद समाधान का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की वेतन फाइल मुख्यमंत्री कार्यालय तक पहुंच चुकी है और जल्द ही इसका स्थायी समाधान किया जाएगा। साथ ही, नवंबर तक का वेतन एक-दो दिन के भीतर जारी करने का भी आश्वासन दिया गया।
शहर में जगह-जगह लगे कचरे के ढेर
सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के कारण सोनीपत की गलियों, बाजारों और मोहल्लों में कचरे के ढेर लग गए हैं। कुछ स्थानों पर लोगों ने कचरे से निजात पाने के लिए उसे जलाना शुरू कर दिया है, जिससे प्रदूषण बढ़ने की संभावना है। नगर निगम के संयुक्त आयुक्त नरेश कुमार ने इस स्थिति को देखते हुए ठेकेदारों को अतिरिक्त इंतजाम करने के निर्देश दिए हैं और ऐसा न होने पर भुगतान रोकने की चेतावनी दी है।