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Spy Noman Ilahi: हरियाणा में पाकिस्तानी जासूस का भंडाफोड़, नोमान इलाही के खिलाफ 1600 पेज की चार्जशीट दाखिल, डिजिटल सबूतों से खुली साजिश की परतें

BY: • LAST UPDATED : August 4, 2025
Inkhabar Haryana, Spy Noman Ilahi: हरियाणा पुलिस की सीआईए-1 टीम ने पाकिस्तान के लिए जासूसी करने वाले आरोपी नोमान इलाही के खिलाफ शनिवार को 1600 पन्नों की विस्तृत चार्जशीट अदालत में पेश कर दी। इस मामले में पुलिस की ओर से जुटाए गए डिजिटल सबूत इतने मजबूत हैं कि नोमान के खिलाफ मुकदमा बेहद ठोस बनता दिख रहा है।

क्या हैं चार्जशीट में?

चार्जशीट के मुताबिक, नोमान इलाही ने पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के एजेंट इकबाल काना व अन्य से संपर्क में रहते हुए भारत की संवेदनशील सैन्य जानकारियां पाकिस्तान भेजीं। इस सिलसिले में नोमान के मोबाइल से 100 से ज्यादा पन्नों की वॉट्सऐप चैट, कॉल रिकॉर्ड्स (CDR) और वीडियो साक्ष्य जुटाए गए हैं, जिनमें भारत की सेना की मूवमेंट को ऑपरेशन सिंदूर के दौरान रिकॉर्ड कर पाकिस्तान भेजे जाने की पुष्टि होती है।

कैसे खुला राज?

नोमान इलाही उत्तर प्रदेश के कैराना का रहने वाला है। उसे हरियाणा के पानीपत जिले के सेक्टर-29 थाना क्षेत्र से 13 मई 2025 को गिरफ्तार किया गया था। पूछताछ में नोमान ने खुद स्वीकार किया कि वह पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के लिए काम कर रहा था और उसकी सीधी बातचीत एजेंट इकबाल काना से होती थी। पूछताछ में यह भी सामने आया कि नोमान के पास से 6 पासपोर्ट बरामद हुए हैं, जो उसके कैराना स्थित घर से जब्त किए गए। इससे शक गहराया कि वह कई बार पाकिस्तान या अन्य देशों की यात्रा की योजना में था या कर चुका है।

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फंडिंग का नेटवर्क भी हुआ उजागर

जांच में सामने आया कि नोमान के खातों में पाकिस्तान से फंडिंग का नेटवर्क भी सक्रिय था। खास बात यह रही कि यह पैसा सीधे पाकिस्तान से नहीं बल्कि पंजाब के फिरोजपुर में रहने वाले एक युवक के जरिए उसके अकाउंट में ट्रांसफर हुआ। पुलिस को नोमान के खातों से जुड़े तीन से चार अन्य बैंक खातों का भी पता चला है, जिन पर अब निगरानी और कार्रवाई जारी है।

चार्जशीट का सबसे मजबूत आधार

नोमान इलाही के खिलाफ जो चार्जशीट तैयार की गई है, उसमें डिजिटल फॉरेंसिक साक्ष्यों को मुख्य आधार बनाया गया है। इनमें पाकिस्तान में बैठे आईएसआई एजेंट से वॉट्सऐप चैट, भारत की सैन्य मूवमेंट की रिकॉर्ड की गई वीडियो, वॉट्सऐप कॉल और मोबाइल नंबरों की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और संदिग्ध अकाउंट ट्रांजैक्शन और पासपोर्ट डिटेल शामिल हैं। ये सभी साक्ष्य सीधे तौर पर नोमान को भारत के खिलाफ जासूसी गतिविधियों से जोड़ते हैं।

कब हैं अगली सुनवाई?

मामले की अगली सुनवाई अब 13 अगस्त 2025 को होनी है। अदालत में पुलिस इन डिजिटल सबूतों को पेश कर नोमान के खिलाफ मुकदमे को मजबूत बनाएगी।