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Stray cattle problem in Rewari: हरियाणा के इस जिले में ‘केटल फ्री ज़ोन’ का दावा खोखला साबित, सड़कों पर बेसहारा पशुओं का आतंक, जान पर बन आई है आमजन की सुरक्षा

BY: • LAST UPDATED : August 2, 2025
Inkhabar Haryana, Stray cattle problem in Rewari: हरियाणा सरकार द्वारा ‘केटल फ्री ज़ोन’ के दावों के बावजूद रेवाड़ी शहर की सड़कों पर बेसहारा गोवंश व अन्य पालतू पशुओं का आतंक दिन-ब-दिन बढ़ता ही जा रहा है। पीतल नगरी के नाम से प्रसिद्ध यह शहर आज गोवंश की अराजक मौजूदगी के कारण दुर्घटनाओं और अव्यवस्थित यातायात की मार झेल रहा है। हालात ऐसे हो गए हैं कि न तो सड़कों पर सुरक्षित चलना संभव है और न ही यातायात सुगम रूप से संचालित हो पा रहा है।

खुलेआम घूमते पशुओं का बढ़ता खतरा

रेवाड़ी शहर के बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, सर्कुलर रोड, सब्जी मंडी, रेलवे ओवरब्रिज और फ्लाईओवर जैसे व्यस्त इलाकों में रोज़ाना झुंड के झुंड बेसहारा पशु बेखौफ घूमते नजर आते हैं। कहीं बीच सड़क पर बैठकर ये पशु ट्रैफिक जाम की वजह बनते हैं, तो कहीं अचानक सामने आकर सड़क हादसे को न्यौता देते हैं। कैमरे में कैद कई ऐसी घटनाएं सामने आई हैं, जहां ये जानवर सीधे राह चलते लोगों को टक्कर मारते दिखाई दिए हैं।

दुर्घटनाओं की भयावह तस्वीरें

सीसीटीवी फुटेज और स्थानीय लोगों की मानें तो पिछले कुछ महीनों में दर्जनों सड़क हादसे केवल इन बेसहारा पशुओं की वजह से हुए हैं। इनमें कई लोग घायल हुए हैं और कुछ को अपनी जान तक गंवानी पड़ी है। सबसे दुखद बात यह है कि प्रशासन को इन हादसों की जानकारी होने के बावजूद अभी तक कोई ठोस कार्यवाही नहीं की गई है।

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पशुपालकों की लापरवाही और नगर परिषद की उदासीनता

स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि इन बेसहारा जानवरों में से कई वास्तव में पशुपालकों के हैं, जो दूध निकालने के बाद उन्हें दिनभर के लिए सड़क पर छोड़ देते हैं। यह गैरजिम्मेदाराना रवैया न सिर्फ आम लोगों के लिए जानलेवा साबित हो रहा है, बल्कि यह शहर की साख पर भी सवाल खड़े कर रहा है। नगर परिषद पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं कि आखिर हर साल छोड़े जाने वाले टेंडर का पैसा कहां जा रहा है। जनता की मांग है कि इस पूरे मामले की विजिलेंस जांच होनी चाहिए, ताकि सच्चाई सामने आ सके।

प्रशासनिक दावों की हकीकत

नगर परिषद और प्रशासन पिछले कई वर्षों से यही दावा करते आ रहे हैं कि बेसहारा पशुओं को गौशालाओं या निर्धारित स्थानों पर भेजा जा रहा है। लेकिन शहर के हालात इसके विपरीत हैं। जहां देखो वहीं पशुओं का जमावड़ा नजर आता है। इससे साफ होता है कि जमीन पर कोई भी कार्य योजना कारगर तरीके से लागू नहीं हो रही।