




Stubble Burning: अंबाला जिले में पराली जलाने के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। अभी तक 74 मामले दर्ज हो चुके हैं, जिनमें से 43 मामलों में चालान हो चुका है। अब कृषि विभाग ने 43 गांवों को रेड और येलो जोन में रखा है। इनमें अंबाला खंड टू का मच्छौंडी गांव रेड जोन में है, जबकि बाकी 42 गांव येलो जोन में शामिल हैं। इस स्थिति पर विभाग की टीम लगातार नजर रख रही है। पराली जलाने के कारण प्रदूषण बढ़ रहा है, और इसलिए अब एफआईआर भी दर्ज की जा रही हैं। दो एफआईआर किसानों के खिलाफ भी दर्ज हो चुकी हैं।
कृषि विभाग के तकनीकी सहायक दीनदयाल शर्मा ने बताया कि सोमवार को कोई नया मामला नहीं आया, जो किसानों के लिए थोड़ी राहत की बात है।
किसानों का प्रशासन की कार्रवाई के खिलाफ विरोध भी जारी है। भारतीय किसान यूनियन शहीद भगत सिंह ने 22 अक्टूबर को डीसी कार्यालय पर ज्ञापन सौंपने का ऐलान किया है।
यूनियन के जिला प्रधान गुरमीत सिंह माजरी का कहना है कि सरकार ने पराली प्रबंधन के लिए कोई उचित प्रबंध नहीं किए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार किसानों पर दबाव बना रही है। गुरमीत सिंह ने सरकार से निवेदन किया है कि तुरंत एफआईआर दर्ज करना बंद किया जाए, अन्यथा किसान मजबूर होकर विरोध प्रदर्शन करने को तैयार हैं। किसानों ने यह भी कहा है कि यदि सरकार तीन दिन के अंदर उनके खेतों से पराली नहीं हटवाती है, तो वे बिना पैसे के पराली उठाने को तैयार हैं।
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