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Stubble Burning: पराली जलाने पर कड़ी कार्रवाई, अधिकारियों की लापरवाही पर थमाया गया चार्जशीट

BY: • LAST UPDATED : October 29, 2024

Stubble Burning: हरियाणा में पराली जलाने की घटनाओं को रोकने के लिए राज्य सरकार सख्त कदम उठा रही है। सरकारी अधिकारियों की लापरवाही पर कार्रवाई करते हुए 17 अफसरों को चार्जशीट किया गया है। अब तक 394 अफसरों को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया गया है और 26 अधिकारियों को निलंबित किया गया है। सरकार ने पराली जलाने के मामले में सुप्रीम कोर्ट की 23 अक्तूबर की सुनवाई से पहले ही 24 अधिकारियों को निलंबित किया था।

चार्जशीट किए गए अधिकारियों के खिलाफ आगे की कार्रवाई तय

हरियाणा के कृषि विभाग ने यह सुनिश्चित करने के लिए सख्त निर्देश दिए हैं कि सभी अधिकारी अपनी ड्यूटी में किसी प्रकार की लापरवाही न बरतें। कृषि विभाग के निदेशक को यह अधिकार दिया गया है कि वे चार्जशीट किए गए अधिकारियों के खिलाफ आगे की कार्रवाई तय करें।

कुल 723 घटनाएं आई सामने

पराली जलाने पर नियंत्रण रखने के प्रयासों के बावजूद, राज्य में 15 सितंबर से 28 अक्तूबर तक कुल 723 घटनाएं सामने आई हैं। इन घटनाओं में सबसे अधिक मामले कैथल जिले से आए हैं। राज्य सरकार ने ऐसे किसानों पर भी कड़ी कार्रवाई की है, जिनकी फसल का विवरण मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल पर दर्ज है। कुल 448 किसानों की ‘रेड एंट्री’ हो चुकी है, जिससे वे दो सीजन तक न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर अपनी फसल नहीं बेच सकेंगे।

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फसल अवशेष प्रबंधन के लिए वित्तीय सहायता

इसके साथ ही, सरकार ने किसानों को फसल अवशेष प्रबंधन के लिए वित्तीय सहायता भी दी है। इस वर्ष 83,070 किसानों ने 7.11 लाख एकड़ धान क्षेत्र के प्रबंधन के लिए पंजीकरण कराया है। सरकार द्वारा किसानों को 2020-21 से 2023-24 तक 223 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि भी प्रदान की गई है। राज्य सरकार ने जीरो बर्निंग के लक्ष्य को हासिल करने के लिए पंचायतों को भी जिम्मेदारी सौंपी है, जिससे हरियाणा में पराली जलाने की घटनाओं में कमी लाई जा सके।

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