Inkhabar Haryana, Sunil Rohilla Conquered Kanchenjunga: जब जुनून हो बुलंदियों को छूने का और इरादे हों अडिग, तो कोई भी चोटी ऊँची नहीं रहती। करनाल जिले के छोटे से गांव रसूलपुर के रहने वाले पर्वतारोही और बैंक कर्मचारी सुनील कुमार रोहिल्ला ने एक बार फिर अपने जज्बे और साहस का परिचय देते हुए विश्व की तीसरी सबसे ऊँची चोटी कंचनजंगा (8,586 मीटर) पर तिरंगा फहरा दिया है। यह उपलब्धि उन्हें 8000 मीटर से ऊँची पांच पर्वत चोटियों पर चढ़ाई करने वाले हरियाणा के पहले व्यक्ति के रूप में स्थापित करती है।
एक पर्वतारोही की प्रेरणादायक यात्रा
सुनील की पर्वतारोहण की यात्रा 2015 में शुरू हुई थी, जब उन्होंने भारत के विभिन्न हिस्सों में स्थित पर्वत चोटियों की ओर कदम बढ़ाए। समय के साथ यह जुनून और भी गहराता गया और उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर की चोटियों की ओर रुख किया।
बेहद कठिन हालात में हासिल की कंचनजंगा की चोटी
सुनील ने बताया कि कंचनजंगा की चढ़ाई बेहद कठिन और खतरनाक मानी जाती है। यह पर्वत भारत और नेपाल की सीमा पर स्थित है और यहां मौसम पल भर में बदल सकता है। कई बार प्रयास करने के बावजूद पिछले साल मैं कंचनजंगा पर चढ़ाई पूरी नहीं कर सका, लेकिन इस साल हमारी टीम में भारतीय सेना और विदेशी पर्वतारोही भी शामिल थे। मौसम अनुकूल रहा और हमने चढ़ाई सफलतापूर्वक पूरी की। उन्होंने अपनी यात्रा की शुरुआत 22 अप्रैल 2025 को की और 25 मई 2025 को वापस लौटे। इस दौरान उन्हें ऑक्सीजन की कमी और कठिन भू-भाग जैसी कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा, लेकिन उनकी मजबूत इच्छाशक्ति और टीमवर्क ने उन्हें सफलता दिलाई।
पहले भी रचे हैं कीर्तिमान
कंचनजंगा से पहले, सुनील ने एक महीना पहले नेपाल स्थित अन्नपूर्णा पर्वत पर भी फतह हासिल की थी। अन्नपूर्णा को दुनिया की सबसे खतरनाक पर्वत चोटियों में गिना जाता है। इसके अलावा, 2023 में उन्होंने माउंट एवरेस्ट (दुनिया की सबसे ऊँची चोटी), माउंट ल्होत्से (विश्व की चौथी सबसे ऊँची चोटी), और मानस्लू पर भी चढ़ाई की थी। सुनील ने अपने अगले लक्ष्य के बारे में बताते हुए कहा कि वे अब नेपाल स्थित माउंट मकालू (विश्व का पांचवां सबसे ऊँचा पर्वत) और माउंट धौलागिरी (सातवां सबसे ऊँचा पर्वत) की ओर बढ़ने की योजना बना रहे हैं। उनका उद्देश्य इन दोनों चोटियों पर भी तिरंगा लहराना है।