Inkhabar Haryana, Supreme Court directs recount in Panchayat polls in Panipat: हरियाणा के पानीपत जिले के बुआना लाखू गांव का सरपंच चुनाव इस बार न केवल स्थानीय बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया। इसका कारण रहा चुनाव परिणाम में हुई चूक, दो बार विजेता घोषित होने का अनोखा मामला और अंत में सुप्रीम कोर्ट का हस्तक्षेप। इस पूरी घटना ने देश में पहली बार ऐसा उदाहरण पेश किया जब सर्वोच्च न्यायालय ने इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) मंगवाकर पुनः गणना करवाई और परिणाम बदला।
क्या था पूरा मामला?
2 नवंबर 2024 को पंचायती राज संस्थाओं के तहत ग्राम पंचायत चुनाव संपन्न हुए। बुआना लाखू गांव से कुल 7 प्रत्याशी मैदान में थे, लेकिन मुकाबला मुख्य रूप से दो उम्मीदवारों मोहित मलिक और कुलदीप के बीच था। गांव में कुल 6 मतदान केंद्र (बूथ नंबर 65, 66, 67, 68, 69 और 270) बनाए गए थे।
बूथ पर हुई चूक
गिनती के समय बूथ नंबर 69 पर तैनात पीठासीन अधिकारी से एक गंभीर गलती हो गई। मोहित के वोट कुलदीप के खाते में और कुलदीप के वोट मोहित के खाते में जोड़ दिए गए। इसके आधार पर कुल योग बनाते समय कुलदीप को विजेता घोषित कर दिया गया और उन्हें विजेता प्रमाणपत्र भी सौंप दिया गया। लेकिन चौंकाने वाली बात यह रही कि प्रशासन की इस गलती के कारण कुछ घंटों के लिए गांव में दो-दो सरपंच घोषित हो गए, क्योंकि स्थानीय स्तर पर की गई गणना में मोहित विजयी थे।
गलती का खुलासा
जब गांव के लोगों ने बूथवार गिनती की तो यह गलती उजागर हो गई। जानकारी मिलते ही प्रशासन ने जांच की और पाया कि बूथ नंबर 69 के परिणाम अदल-बदल हो गए थे। रिटर्निंग अधिकारी ने तुरंत संशोधित परिणाम जारी किया, कुलदीप का प्रमाणपत्र रद्द किया और मोहित को नया प्रमाणपत्र देकर विजेता घोषित किया।
सुप्रीम कोर्ट का फैसला
हालांकि, इस मामले पर विवाद थमा नहीं। कुलदीप और मोहित के बीच मामला अदालत पहुंचा। स्थानीय अदालत में मोहित की याचिका पर पुनः गणना के आदेश दिए गए। इसके बाद मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा, जहां इतिहास में पहली बार EVM मंगवाकर पुनः गणना करवाई गई।
पुनर्गणना में यह स्पष्ट हो गया कि मोहित को कुलदीप से 51 वोट अधिक मिले थे। सुप्रीम कोर्ट ने मोहित को विजयी घोषित करते हुए जिला प्रशासन को आदेश दिया कि दो दिनों के भीतर उनकी आधिकारिक नियुक्ति की नोटिफिकेशन जारी कर शपथ दिलाई जाए।
मोहित की प्रतिक्रिया
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद प्रशासन ने कागजी प्रक्रिया शुरू कर दी है। मोहित मलिक ने कहा कि वह स्वतंत्रता दिवस से पहले शपथ लेने के लिए प्रशासन के संपर्क में हैं। हालांकि, इस समय तक आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी नहीं हुआ है।