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SurajKund Mela 2025: “सूरजकुंड मेला केवल हरियाणा की नहीं पूरे देश की पहचान… यह वसुदेव कुटुंबकम की भावना को प्रदर्शित करता”- सीएम नायब सैनी

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Inkhabar Haryana, SurajKund Mela 2025: फरीदाबाद के सूरजकुंड में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय हस्तशिल्प मेला भारतीय संस्कृति और परंपराओं के अद्भुत प्रदर्शन का मंच है। इस मेले का उद्घाटन हरियाणा के सीएम नायब सैनी और केंद्रीय मंत्री गजेंद्र शेखावत ने किया, जहां उन्होंने सभी आगंतुकों और शिल्पकारों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि इस मेले में आकर उन्हें गर्व और खुशी का अनुभव हो रहा है, क्योंकि यह मेला केवल हरियाणा की ही नहीं, बल्कि पूरे देश की पहचान बन चुका है।

संस्कृति और शिल्प का वैश्विक मंच

सीएम नायब सैनी ने अपने संबोधन में कहा कि सूरजकुंड मेला “वसुधैव कुटुंबकम” की भावना को दर्शाता है, जिसमें देश-विदेश के शिल्पकार अपने अनूठे हस्तशिल्प और कलाकृतियों को प्रदर्शित करते हैं। यह मेला भारत की समृद्ध संस्कृति को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करने का सुनहरा अवसर प्रदान करता है। इस साल के मेले की थीम ओडिशा और मध्य प्रदेश को बनाया गया है, जिससे इन राज्यों की कला, परंपराएं और सांस्कृतिक विरासत को विशेष रूप से प्रदर्शित किया गया है।

भारत की पहचान बने शिल्पकार

सीएम ने शिल्पकारों के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि भारतीय कारीगरों ने अपने अद्वितीय हुनर से पूरी दुनिया में भारत की एक अलग पहचान बनाई है। उन्होंने कहा कि मनुष्य जीवन में कला का विशेष महत्व है, और सूरजकुंड मेला इसी कला को संजोने और बढ़ावा देने का मंच प्रदान करता है।

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माटी और कला को बढ़ावा

हरियाणा सरकार द्वारा माटी कला बोर्ड का गठन किया गया है, जिससे देश के पारंपरिक कुम्हारों और हस्तशिल्पकारों को सहयोग मिल सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रकृति के बाद कला ही एक ऐसी चीज है, जो मनुष्य के हाथों में होती है, और इसे संरक्षित करना हमारी जिम्मेदारी है। इस मेले के माध्यम से सरकार कारीगरों को एक बड़ा मंच देने का प्रयास कर रही है, जिससे वे अपनी कला को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शित कर सकें।