




सुरेश फोगाट ने स्पष्ट रूप से कहा कि खाप पंचायतें और किसान हमेशा से महिलाओं और लड़कियों की गरिमा की रक्षा करते आए हैं। उन्होंने जांगड़ा के बयान को खारिज करते हुए कहा कि किसान आंदोलन के दौरान 700 लड़कियों के गायब होने जैसी बातें पूरी तरह से बेबुनियाद और समाज को तोड़ने वाली हैं। उन्होंने कहा, “हमारी खाप पंचायतें महिलाओं का सम्मान करना बखूबी जानती हैं। रामचंद्र जांगड़ा को अपने इस बयान के लिए तुरंत माफी मांगनी चाहिए, अन्यथा जनता उन्हें राजनीति से बाहर का रास्ता दिखा देगी।”
फोगाट ने अपने बयान में यह भी जोड़ा कि यदि जांगड़ा ने माफी नहीं मांगी तो इसका परिणाम उनके लिए बेहद गंभीर हो सकता है। उन्होंने कहा कि पहले भी जनता ने ऐसे नेताओं को घर बिठा दिया है, जो समाज और किसान विरोधी बयान देते हैं। यह घटना न केवल राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बनी हुई है, बल्कि आम जनता के बीच भी गहरी नाराजगी का कारण बन रही है।
सुरेश फोगाट ने किसान नेता पंधेर की नाजुक हालत पर भी चिंता जताई। उन्होंने बताया कि पंधेर ने प्रधानमंत्री को खून से लिखी चिट्ठी में अपनी अंतिम इच्छाओं को व्यक्त किया है। उन्होंने कहा, “अगर पंधेर की मौत होती है, तो इसके लिए केवल प्रधानमंत्री जिम्मेदार होंगे।” फोगाट ने यह भी कहा कि पंधेर का यह कदम उनके आंदोलन का आखिरी पत्र हो सकता है।
फोगाट ने चेतावनी दी कि यदि किसानों की मांगों को समय रहते नहीं माना गया, तो देश एक बार फिर बड़े आंदोलन का गवाह बन सकता है। उन्होंने प्रधानमंत्री और अन्य नेताओं से अपील की कि वे किसानों की मांगों को तुरंत पूरा करें और पंधेर का आमरण अनशन खत्म करवाने की दिशा में काम करें।




