Inkhabar Haryana, Toll Plaza construction Halted in Gurugram: हरियाणा के गुरुग्राम जिले में हाईवे पर टोल को लेकर चल रहा विवाद एक बार फिर चर्चा में है। खेड़कीदौला टोल प्लाजा, जो लंबे समय से मानेसर और गुरुग्राम के लाखों लोगों की परेशानी का कारण बना हुआ था, उसे शिफ्ट करने की योजना को लेकर काफी समय से आवाजें उठती रही हैं। सरकार ने जब इस प्लाजा को हटाकर 7 किलोमीटर दूर पंचगांव में नया टोल प्लाजा बनाने का निर्णय लिया, तो लोगों को थोड़ी राहत की उम्मीद जगी। लेकिन अब पंचगांव में बन रहे इस नए टोल प्लाजा का निर्माण कार्य स्थानीय लोगों के विरोध के चलते ठप हो गया है।
क्या हैं विरोध की वजह?
गुरुवार को पंचगांव में उस समय हंगामे की स्थिति बन गई, जब दर्जनों गांवों के लोग निर्माणाधीन टोल प्लाजा स्थल पर पहुंच गए और काम को रुकवा दिया। ग्रामीणों का स्पष्ट कहना है कि टोल प्लाजा के निर्माण से पहले यहां अंडरपास बनाया जाना चाहिए। उनका तर्क है कि यदि अंडरपास नहीं बनाया गया, तो क्षेत्रवासियों को रोजाना की आवाजाही में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। ग्रामीणों ने निर्माण एजेंसी और प्रशासन को चेतावनी दी कि जब तक अंडरपास की मांग पूरी नहीं होती, वे टोल का काम शुरू नहीं होने देंगे।
दिल्ली-जयपुर हाईवे (NH-48) पर स्थित खेड़कीदौला टोल प्लाजा पिछले कई वर्षों से गुरुग्राम और मानेसर के लोगों के लिए एक बड़ी समस्या बना हुआ था। औद्योगिक क्षेत्र मानेसर में काम करने वाले हजारों कर्मचारी और स्थानीय निवासी इस टोल पर लगने वाले जाम और अतिरिक्त खर्च से त्रस्त थे। यहां हर दिन औसतन 65 हजार वाहन गुजरते हैं। टोल पर 25 लेन होने के बावजूद, विशेषकर पीक ऑवर के समय भारी ट्रैफिक जाम लग जाता था। इसका सीधा असर मानेसर की औद्योगिक इकाइयों के संचालन और विकास पर पड़ रहा था।
नए टोल की योजना और निर्माण
सरकार ने इन समस्याओं को ध्यान में रखते हुए खेड़कीदौला टोल को हटाकर पंचगांव में नया टोल प्लाजा बनाने का निर्णय लिया। इस नए प्लाजा का निर्माण 20 करोड़ रुपये की लागत से किया जा रहा है, जहां 14 लेन निर्धारित की गई हैं। इनमें से 12 लेन फास्टैग के लिए होंगी ताकि डिजिटल भुगतान को बढ़ावा मिल सके और ट्रैफिक को सुगम बनाया जा सके।
लंबे समय से चल रहा था आंदोलन
खेड़कीदौला टोल को हटाने की मांग को लेकर स्थानीय लोगों ने बीते वर्षों में कई बार प्रदर्शन किए, धरने दिए और यहां तक कि प्रधानमंत्री तक को पत्र लिखा। इस जनदबाव के चलते प्रशासन ने टोल को शिफ्ट करने का निर्णय तो ले लिया, लेकिन पंचगांव में टोल से पहले अंडरपास जैसी मूलभूत सुविधा की अनदेखी लोगों को नागवार गुजरी है।