Inkhabar Haryana, Water Logging Problem in Mahendragarh: हरियाणा के महेंद्रगढ़ जिले में एक बार फिर जलभराव की पुरानी समस्या लोगों के सब्र की परीक्षा लेने लगी है। इस बार मामला सामने आया है महेंद्रगढ़ से डुलना रोड पर स्थित मोहल्ला कुम्हाराण का, जहां हल्की सी बारिश के बाद भी सड़कें दरिया में तब्दील हो जाती हैं। स्थानीय निवासियों ने अपनी नाराजगी और प्रशासन की उदासीनता के खिलाफ अनोखे ढंग से प्रदर्शन किया पानी में खटोला डालकर विरोध जताया गया, जो अब पूरे इलाके की आवाज बन गया है।
Gurugram News: गुरुग्राम में लापरवाही पर सख्ती, जलभराव के कारण JE रविंद्र कुमार निलंबित
खटोले पर बैठकर विरोध
मोहल्ला कुम्हाराण की तस्वीरें देखकर हरियाणवी गाने की ये पंक्तियाँ बिलकुल सटीक लगती हैं “एक खटोला जेल के भीतर, एक खटोला घर के बाहर।” फर्क बस इतना है कि यहां जेल की जगह पानी है और जनता की पीड़ा साफ दिख रही है। लोगों ने खटोले को पानी में रखकर बैठना शुरू किया, ताकि यह प्रतीक बने उस अनदेखी का, जो प्रशासन बरसों से करता आ रहा है। आज सुबह मोहल्लावासियों ने जलभराव से त्रस्त होकर मुख्य सड़क पर एकत्रित होकर प्रदर्शन किया। उन्होंने नगरपालिका प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और चेतावनी दी कि यदि जल्द से जल्द सड़क और जल निकासी की व्यवस्था दुरुस्त नहीं की गई, तो वे बड़ा आंदोलन करेंगे।
तीन दशक पुरानी समस्या
स्थानीय लोगों के अनुसार, यह सड़क पूर्व दिशा का एक मुख्य मार्ग है, जिससे करीब 50 गांवों का महेंद्रगढ़ शहर से सीधा संपर्क बना रहता है। मगर यह संपर्क अब सिर्फ नाम का रह गया है, क्योंकि सड़क टूटी हुई है और लगभग 30 सालों से जलभराव की समस्या बनी हुई है। हल्की बारिश में भी पानी इतना भर जाता है कि लोग फिसल कर गिरते हैं, वाहन खराब हो जाते हैं और बच्चों व बुजुर्गों को भारी परेशानी होती है। मानसून आने पर स्थिति और भी भयावह हो जाती है। जलभराव से मच्छर पनपते हैं और मलेरिया जैसी बीमारियों का खतरा मंडराने लगता है। लोगों ने बताया कि कई बार शिकायत देने के बावजूद नगर पालिका प्रशासन ने आज तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया।
अब आंदोलन के लिए तैयार
मोहल्लावासियों ने स्पष्ट किया है कि अब सब्र का बांध टूट रहा है। यदि नगर पालिका जल्द इस मुद्दे का समाधान नहीं करती, तो वे आंदोलन की राह पर उतरने को मजबूर होंगे। उन्होंने प्रशासन को अल्टीमेटम देते हुए कहा है कि रोड के लेवलिंग और जल निकासी की स्थायी व्यवस्था जल्द की जाए, वरना आने वाले दिनों में सड़कों पर विरोध और उग्र हो सकता है।