Inkhabar Haryana, waterlogging in Yamunanagar: हरियाणा के यमुनानगर जिले में सोमवार सुबह से शुरू हुई झमाझम बारिश ने लंबे समय से गर्मी और उमस से जूझ रहे लोगों को राहत दी है। तापमान में गिरावट और वातावरण की ताजगी ने आमजन को सुकून पहुंचाया है, वहीं यह वर्षा जिले के किसानों के लिए भी किसी वरदान से कम नहीं है। खासकर धान की खेती करने वालों को इससे बड़ा फायदा होने जा रहा है। हालांकि, यह राहत अपने साथ कुछ मुश्किलें भी लेकर आई है। शहर के निचले इलाकों में जलभराव की समस्या ने नगर निगम की जल निकासी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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गर्मी से मिली राहत
पिछले कुछ हफ्तों से यमुनानगर में तेज गर्मी और उमस का मौसम बना हुआ था, जिससे न केवल आमजन परेशान थे, बल्कि खेतों की फसलें भी प्रभावित हो रही थीं। सुबह से शुरू हुई तेज बारिश ने इस स्थिति को बदल दिया। मौसम ठंडा हुआ है और लोगों के चेहरों पर राहत नजर आई। धान की फसल के लिए यह बारिश बेहद लाभकारी साबित हो रही है। धान के खेतों में पानी भरना जरूरी होता है, और समय पर हुई इस प्राकृतिक सिंचाई से किसानों की लागत में भी कमी आएगी।
शहरी इलाकों में जलभराव
जहां एक ओर बारिश ने किसानों को लाभ पहुंचाया है, वहीं शहर के नागरिकों को जलभराव की समस्या से जूझना पड़ा। खासकर निचले इलाकों में पानी जमा हो जाने से सड़कें लबालब हो गईं। कई मुख्य मार्गों पर आवागमन बाधित हुआ और बाइक-स्कूटर सवारों को फिसलन की स्थिति का सामना करना पड़ा। कई स्थानों पर स्कूली बच्चों को भारी परेशानी हुई, जिससे अभिभावकों की चिंता भी बढ़ गई। नगर निगम की जल निकासी व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। बारिश के कुछ ही घंटों में जगह-जगह जलभराव होना इस बात का संकेत है कि व्यवस्था केवल कागजों पर ही ठीक है।