Inkhabar Haryana, Woman Suspicious Death in Rewari: हरियाणा के रेवाड़ी जिले में एक महिला की डिलीवरी के बाद अचानक मौत हो जाने के मामले ने सोमवार को नया मोड़ ले लिया जब अंतिम संस्कार की तैयारी कर रहे परिजनों को पुलिस ने रोक दिया और महिला का शव कब्जे में लेकर नागरिक अस्पताल पहुंचाया। अब इस मामले में मेडिकल बोर्ड की निगरानी में पोस्टमार्टम कराया जाएगा। मामला महिला की मौत के कारणों पर उठे सवालों के चलते संवेदनशील बन गया है।
क्या हैं पूरा मामला?
गांव भटसाना निवासी एक महिला की हाल ही में डिलीवरी हुई थी। परिजनों के अनुसार, डिलीवरी के बाद सब कुछ सामान्य लग रहा था, लेकिन कुछ ही समय बाद महिला की मौत हो गई। इस दुखद घटना के बाद परिजन शव को गांव लाए और अंतिम संस्कार की तैयारियों में जुट गए। अंतिम संस्कार की प्रक्रिया शुरू ही होने वाली थी कि उसी समय पुलिस गांव में अचानक पहुंच गई। पुलिस ने अंतिम संस्कार को रुकवाया और महिला के शव को अपने कब्जे में लेकर तुरंत रेवाड़ी नागरिक अस्पताल पहुंचाया।
पोस्टमार्टम के आदेश और मेडिकल जांच
रेवाड़ी नागरिक अस्पताल के पीएमओ डॉ. सुरेंद्र सिंह ने जानकारी दी कि यह मामला “मेटरनल डेथ” (प्रसव के दौरान या उसके तुरंत बाद हुई मौत) का है और नियमानुसार हर ऐसी मृत्यु की मेडिकल ऑडिट कराना अनिवार्य होता है। इसी वजह से महिला के शव का पोस्टमार्टम करवाया जा रहा है ताकि मौत के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके। पोस्टमार्टम एक मेडिकल बोर्ड की निगरानी में कराया जाएगा ताकि निष्पक्षता बनी रहे और किसी प्रकार की लापरवाही की आशंका को टाला जा सके।
परिजनों की मांग और सवाल
महिला के परिजनों ने सवाल उठाए हैं कि अगर डिलीवरी के दौरान सब कुछ सामान्य था, तो अचानक महिला की मौत कैसे हो गई? उनका कहना है कि इस मामले की गहराई से जांच होनी चाहिए ताकि सच्चाई सामने आ सके। उनका यह भी कहना है कि अस्पताल में पहले पोस्टमार्टम न कराने पर सहमति बनी थी, लेकिन फिर अचानक पुलिस को क्यों बुलाया गया यह भी जांच का विषय है। जिला स्वास्थ्य विभाग और पुलिस प्रशासन दोनों इस मामले को गंभीरता से ले रहे हैं। डॉ. सुरेंद्र सिंह ने स्पष्ट किया कि हर मेटरनल डेथ में मेडिकल प्रोटोकॉल का पालन अनिवार्य है और पोस्टमार्टम से ही मौत के असल कारणों की पुष्टि हो सकेगी। पुलिस ने भी बताया कि उन्हें सूचना मिलने के बाद वे मौके पर पहुंचे और कानूनी प्रक्रिया के तहत शव को जब्त कर मेडिकल जांच के लिए भेजा।