मुख्य गेट पर धरना प्रदर्शन
मंगलवार की सुबह सफाई कर्मचारी सबसे पहले पाड़ा मोहल्ले में एकत्रित हुए। वहां से विरोध प्रदर्शन की रणनीति बनाकर कर्मचारी अंबेडकर चौक की ओर बढ़े और नगर निगम कार्यालय पहुंचे। कर्मचारियों ने सबसे पहले निगम कार्यालय के मुख्य गेट पर धरना शुरू किया। वेतन रोके जाने और ऑनलाइन हाजिरी थोपे जाने का विरोध करते हुए कर्मचारियों ने जमकर नारेबाजी की।
दो गुटों में बंटी यूनियन
धरने के दौरान ही कर्मचारियों के बीच मतभेद उभरकर सामने आ गए। नगर पालिका कर्मचारी संघ की नगर निगम इकाई के पूर्व प्रधान संजय बिड़लान और मौजूदा प्रधान शंभू गुट के समर्थक अलग-अलग स्थानों पर प्रदर्शन करने लगे। संजय बिड़लान गुट मुख्य द्वार पर रहा, जबकि शंभू गुट ने कार्यालय परिसर के पार्क में धरना शुरू कर दिया।
आयुक्त के पहुंचते ही उग्र हुआ प्रदर्शन
जैसे ही निगम आयुक्त कार्यालय पहुंचे, संजय बिड़लान के नेतृत्व में सैकड़ों कर्मचारी अचानक कार्यालय के अंदर घुस गए। कर्मचारियों ने आयुक्त से वेतन न रोके जाने की मांग करते हुए नारेबाजी की और जमकर हंगामा किया। स्थिति बिगड़ती देख तत्काल आर्य नगर थाना पुलिस और पुलिस लाइन से बल मौके पर बुलाया गया। काफी मशक्कत के बाद पुलिस ने कर्मचारियों को निगम कार्यालय से बाहर निकाला और स्थिति को नियंत्रित किया।
ताजा जानकारी मिलने तक दोनों गुटों का विरोध प्रदर्शन जारी था। कर्मचारी वेतन जारी करने और ऑनलाइन हाजिरी की अनिवार्यता खत्म करने की मांग पर अड़े हुए थे।
कर्मचारियों की नाराजगी और आरोप
पूर्व प्रधान संजय बिड़लान ने कहा कि ऑनलाइन हाजिरी को लेकर कर्मचारियों पर जबरदस्ती दबाव बनाया जा रहा है, जबकि कई बार इसका विरोध किया जा चुका है। जुलाई का वेतन अब तक जारी न होने से कर्मचारियों के सामने रोज़मर्रा की जरूरतें पूरी करना मुश्किल हो गया है। हालांकि निगम प्रशासन की ओर से कोई औपचारिक बयान नहीं आया है, लेकिन सूत्रों के अनुसार प्रशासन ऑनलाइन हाजिरी को पारदर्शिता और उपस्थिति सुनिश्चित करने का माध्यम मानता है।
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