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YouTuber Jyoti Malhotra Diary: यूट्यूबर ज्योति मल्होत्रा की डायरी ने खोल दिए ये बड़े राज, पाकिस्तान से लौटने के बाद लिखा ये चौकाने वाला बयान

BY: • LAST UPDATED : May 21, 2025
Inkhabar Haryana, YouTuber Jyoti Malhotra Diary: पाकिस्तान यात्रा के बाद देशद्रोह के आरोपों में घिरी यूट्यूबर ज्योति मल्होत्रा के घर से जांच एजेंसियों को एक अहम सुराग हाथ लगा है। जी हां तलाशी के दौरान एक निजी डायरी मिली हैं, जिसमें उसने अपने पाकिस्तान प्रवास के अनुभव, विचार और भावनाएं दर्ज की हैं। यह डायरी अब पूरे मामले में जांच एजेंसियों के लिए अहम क्लू बनकर उभरी है, जो ज्योति के इरादों, मानसिकता और नेटवर्क को समझने में मदद कर सकती है।

डायरी से मिली जानकारी

जांच के दौरान ज्योति के घर से बरामद इस डायरी में उसने लिखा कि पाकिस्तान से 10 दिन का सफर कर लौट आई हूं। इस दौरान पाकिस्तान की अवाम से काफी मुहब्बत मिली। हमारे सब्सक्राइबर और फ्रैंड्स भी हमसे मिलने आए। लाहौर घूमने के लिए मिला 2 दिन का वक्त बहुत कम था। इस हिस्से से स्पष्ट है कि ज्योति ने पाकिस्तान की जनता से मिले व्यवहार और अपने अनुभवों को बड़े भावनात्मक रूप में दर्ज किया है। साथ ही वह पाकिस्तान के वाहनों और संस्कृति को भी बड़े चाव से वर्णित करती है कि पाकिस्तान की बस और ट्रक के बारे में जितना कहो उतना कम, क्रेजी और कलरफुल।

धार्मिक स्थलों के लिए खोले रास्ते की मांग

ज्योति ने अपने नोट्स में पाकिस्तान सरकार से एक भावुक अपील भी की है कि पाकिस्तान गवर्नमेंट से रिक्वेस्ट है कि इंडियन्स के लिए और भी गुरुद्वारे और मंदिरों के लिए रास्ते खोलें और सहूलियतें पैदा करें ताकि हिंदू लोग भी वहां विजिट कर पाएं। 1947 में जो अपनी फैमिली से बिछड़ गए थे, उनसे मिल पाएं।

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भाषा में रुचि और सांस्कृतिक झुकाव

डायरी में यह भी दर्ज है कि ज्योति हिंदी के साथ-साथ उर्दू भाषा भी सीख रही थी, जिससे उसके सांस्कृतिक झुकाव और पाकिस्तान से जुड़े विषयों में दिलचस्पी का पता चलता है। उर्दू सीखने की यह कोशिश उसके विचारों और प्रस्तुतिकरण में भी झलकती है, जो उसके वीडियोज़ में अक्सर नजर आता था।

जांच के लिए अहम दस्तावेज

जांच एजेंसियां अब इस डायरी को एक अहम दस्तावेज मान रही हैं, जो उसके इरादों और पाकिस्तान यात्रा के उद्देश्य पर रोशनी डाल सकती है। इससे यह भी पता चल सकता है कि उसकी गतिविधियां सिर्फ ट्रैवल तक सीमित थीं या उसके पीछे कोई और मकसद भी छिपा था।