




Inkhabar Haryana, Karnal News: दहेज प्रथा, जो लंबे समय से समाज में एक गहरी बुराई के रूप में जानी जाती है, पर करनाल जिले के डाबरथला गांव के अशोक कुमार ने जोरदार प्रहार किया है। अशोक, जो ऑस्ट्रेलिया के सिडनी में एक कंपनी में कार्यरत हैं, ने 16 जनवरी को करनाल के कैमला गांव में बिना दहेज के शादी कर एक अनूठी मिसाल पेश की। यह विवाह समाज में प्रचलित दहेज प्रथा के खिलाफ एक सशक्त संदेश बनकर उभरा है।
अशोक कुमार ने मास्टर नरेंद्र सिंह की बेटी सपना उर्फ सिल्की को अपना जीवनसाथी बनाया। इस शादी में दहेज के नाम पर केवल 1 रुपये का शगुन लिया गया और दुल्हन के लिए 1 जोड़ी कपड़ों में शादी संपन्न हुई। अशोक ने बताया कि उनके पिता और चाचा की यह दृढ़ सोच थी कि शादी में दहेज नहीं लिया जाएगा। वे इस परंपरा को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
अशोक के भाई रॉकी ने बताया कि शादी से 20 दिन पहले ही तय कर लिया गया था कि यह विवाह बिना दहेज के होगा। उनका परिवार दहेज प्रथा के सख्त खिलाफ है और यह शादी उनके विचारों की एक मजबूत झलक है। रॉकी ने यह भी बताया कि भविष्य में उनके ताऊ और चाचा के बच्चों की शादी भी बिना दहेज के की जाएगी।
अशोक का परिवार डाबरथला गांव का रहने वाला है और समाज में प्रचलित कुरीतियों के खिलाफ हमेशा से आवाज उठाता रहा है। अशोक ने बताया कि वह अपने पिता और चाचा की इस सोच को आगे बढ़ाने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध हैं।
हल्के के विधायक भगवान दास कबीरपंथी ने भी इस परिवार को शादी की बधाई दी और उनकी सोच की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि आज के दौर में ऐसा बहुत कम देखने को मिलता है कि कोई परिवार दहेज प्रथा जैसी बुराई को ठुकराकर समाज को नई दिशा देने का प्रयास करे। 16 जनवरी को हुए इस विवाह ने दहेज प्रथा के खिलाफ एक बड़ा संदेश दिया है।




