




मौनी अमावस्या के अवसर पर संगम तट पर लाखों श्रद्धालु एकत्र हुए थे। इस दौरान लोग निर्धारित स्थानों पर ही नहीं, बल्कि बैरिकेडिंग के आसपास और खुले स्थानों पर भी सो रहे थे। अचानक भीड़ बेकाबू हो गई और कई श्रद्धालु दूसरों के ऊपर चढ़ गए, जिससे भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। हालात को बिगड़ता देख प्रशासन ने कुछ समय के लिए अखाड़ों से स्नान स्थगित करने की अपील की।
कुछ लोगों को सिर्फ कमी निकालना
और प्रशासन को गाली देना ही आता है…आप देखिये किस तरह खुद कमिश्नर आधी रात को हाथ में माइक लेकर लोगों से अपील कर रहे हैँ
Advertisementऔर ऐसा करने वाले ये अकेले नहीं कई IAS – IPS इसी तरह लगातार माइक पर आवाजें देते
दिख जायेंगे आपको…अफवाह वाले गिद्ध सफल न हो… pic.twitter.com/ANWc1QWUg8
— Deepak Sharma (@SonOfBharat7) January 29, 2025
कमिश्नर की इस अपील से यह स्पष्ट होता है कि प्रशासन पहले से ही भीड़ बढ़ने और अव्यवस्था फैलने की आशंका जता रहा था। हालांकि, इतनी सतर्कता के बावजूद भगदड़ को रोकने में सफलता नहीं मिल पाई।
घटना के बाद उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने श्रद्धालुओं से संयम बरतने की अपील की। उन्होंने कहा कि जो भी श्रद्धालु मां गंगा के घाटों के पास हैं, वे वहीं स्नान करें और संगम नोज की ओर जाने की कोशिश न करें। प्रशासन के निर्देशों का पालन करें और अफवाहों पर ध्यान न दें। प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए कई घाटों पर स्नान की व्यवस्था करवाई है, ताकि संगम क्षेत्र में भीड़ का दबाव कम किया जा सके।
महाकुंभ जैसे विशाल आयोजन में भीड़ प्रबंधन प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती होती है। हालांकि, प्रशासन पहले से सतर्क था और सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे, लेकिन अत्यधिक भीड़ के कारण भगदड़ जैसी अप्रिय घटना हो गई।




