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MahaKumbh 2025: महाकुंभ में भगदड़ के दौरान सुरक्षा पर उठे सवाल, महामंडलेश्वर प्रेमानंद भावुक होकर रो पड़े

BY: • LAST UPDATED : January 29, 2025
Inkhabar Haryana, MahaKumbh 2025: प्रयागराज में चल रहे महाकुंभ में बीती रात एक दर्दनाक हादसा हुआ। भारी भीड़ के दबाव के कारण भगदड़ मच गई, जिसमें 17 से अधिक श्रद्धालुओं की मौत हो गई, जबकि सात अन्य घायल हो गए। हादसे के बाद से पूरे महाकुंभ क्षेत्र में शोक और चिंता का माहौल है। घायलों को कुंभ क्षेत्र के सेक्टर 2 अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

महामंडलेश्वर प्रेमानंद पुरी फूट-फूटकर रो पड़े

इस हृदयविदारक घटना के बाद पंचायती अखाड़ा निरंजनी के महामंडलेश्वर प्रेमानंद पुरी भावुक हो गए और फूट-फूटकर रो पड़े। उन्होंने प्रशासन की लापरवाही पर गंभीर सवाल उठाए और कहा कि उन्होंने पहले ही सरकार से महाकुंभ की सुरक्षा को सेना के हवाले करने की मांग की थी, लेकिन उनकी बातों को अनसुना कर दिया गया।

उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी भीड़ को पुलिस के वश में संभालना संभव नहीं था। हमने पहले ही चेतावनी दी थी कि महाकुंभ का प्रबंधन सेना को सौंप देना चाहिए, लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया। आज के हादसे में किसी ने अपना पिता खो दिया तो किसी ने अपने प्रियजन को।

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भीड़ का प्रबंधन बना चुनौती

महाकुंभ 13 जनवरी से शुरू हुआ था और अब तक करीब 19.94 करोड़ श्रद्धालु गंगा में आस्था की डुबकी लगा चुके हैं। मंगलवार को मौनी अमावस्या के पावन अवसर पर ही 10 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं के आने की संभावना जताई गई थी। प्रयागराज की कुल जनसंख्या के मुकाबले यह भीड़ कई गुना अधिक हो गई, जिससे प्रशासन पर दबाव और बढ़ गया।

रिपोर्ट के अनुसार, मंगलवार शाम 6 बजे तक 4.64 करोड़ श्रद्धालुओं ने गंगा स्नान कर लिया था, जो कि एक नया रिकॉर्ड था। लेकिन अचानक हुई भगदड़ ने इस भव्य आयोजन को एक त्रासदी में बदल दिया।

महाकुंभ की सुरक्षा को लेकर उठे सवाल

इस हादसे ने महाकुंभ मेले की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। महामंडलेश्वर प्रेमानंद पुरी ने प्रशासन की नाकामी को लेकर कहा कि अगर कुंभ का प्रबंधन सेना के हाथों में होता तो शायद यह हादसा नहीं होता। मुझे इस त्रासदी से गहरा दुख हुआ है। महाकुंभ जैसे भव्य आयोजन की सुरक्षा को हल्के में नहीं लिया जा सकता। अभी भी समय है कि सरकार इस मेले की सुरक्षा को सेना के हवाले कर दे।