




रक्षाबंधन सिर्फ राखी बांधने का पर्व नहीं है, बल्कि यह परंपराओं से जुड़ा हुआ एक आध्यात्मिक और भावनात्मक संस्कार है।
1. घर की सफाई और तैयारी
रक्षाबंधन के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करने के बाद घर की सफाई की जाती है। फिर पूजा की थाली सजाई जाती है जिसमें राखी, रोली, अक्षत (चावल), दीपक, अगरबत्ती, मिठाई और अन्य पूजन सामग्री होती है।
2. पूजन प्रारंभ
मिट्टी या चांदी के कलश में जल भरकर पूजा का शुभारंभ किया जाता है। सबसे पहले भगवान गणेश और माता लक्ष्मी का आवाहन कर दीप प्रज्ज्वलित किया जाता है।
3. राखी बांधने की विधि
बहन भाई के माथे पर तिलक लगाती है।
फिर रोली और अक्षत (चावल) से पूजन करती है।
इसके बाद राखी बांधती है और भाई को मिठाई खिलाती है।
बहन भाई की लंबी उम्र और खुशहाली की प्रार्थना करती है।
4. रक्षा का वचन और उपहार
भाई बहन को जीवनभर उसकी रक्षा करने का वचन देता है और उसे उपहार भेंट करता है। यह उपहार भले ही भौतिक रूप में छोटा हो, लेकिन इसके पीछे छिपा भाव अमूल्य होता है।




