Inkhabar Haryana, Republic Day 2025: 76वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर देश ने एक बार फिर दिल्ली के कर्तव्य पथ पर भारत की विविधता और समृद्ध संस्कृति की शानदार झलक देखी। इस विशेष मौके पर हरियाणा की झांकी ने सबका ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया। हरियाणा ने अपनी सांस्कृतिक विरासत, आध्यात्मिक इतिहास और आधुनिक विकास को बड़े ही भव्य और अद्वितीय तरीके से प्रस्तुत किया।
हरियाणा की झांकी में गीता का अद्भुत दृश्य
हरियाणा की झांकी में महाभारत के उस ऐतिहासिक क्षण को जीवंत किया गया, जब भगवान श्री कृष्ण ने अर्जुन को गीता का उपदेश दिया था। कुरुक्षेत्र के ज्योतिसर के इस दृश्य ने न केवल भारत की आध्यात्मिकता को रेखांकित किया बल्कि पूरी मानव जाति के लिए प्रेरणा का संदेश भी दिया। यह झांकी हरियाणा के गौरवशाली इतिहास और भारत के सांस्कृतिक योगदान का प्रतीक बनी।
सांस्कृतिक विरासत और पारंपरिक शिल्प का प्रदर्शन
झांकी में हरियाणा की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को भी प्रदर्शित किया गया। पारंपरिक हरियाणवी बैलगाड़ी के माध्यम से राज्य के शिल्प और ग्रामीण जीवन की झलक दिखाई दी। इसमें चमड़े की जूतियां, सरकंडा शिल्प, फुलकारी, चोप, बाग, पंजा दरी और रेवाड़ी के प्रसिद्ध पीतल के बर्तन जैसे पारंपरिक उत्पाद शामिल थे। ये वस्तुएं हरियाणा के कारीगरों और उनकी कला के प्रति गहरे समर्पण का प्रमाण हैं।
आधुनिक हरियाणा की प्रगति