




Increasing Pollution: फरीदाबाद में प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़ता जा रहा है, जिससे लोगों को स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। विशेष रूप से सांस लेने में परेशानी, खांसी और अस्थमा जैसी बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं। फरीदाबाद के बल्लभगढ़ सिविल अस्पताल में तैनात एसएमओ डॉ. टीसी गिढ़वाल ने बताया कि बढ़ते प्रदूषण के कारण अस्पताल में इन बीमारियों के मरीजों की संख्या में काफी इजाफा हो रहा है।
डॉ. टीसी गिढ़वाल के अनुसार, वातावरण में बढ़ते प्रदूषण का असर सबसे ज्यादा उन लोगों पर पड़ रहा है जिनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर है, जैसे बुजुर्ग और बच्चे। वे सांस की बीमारी, खांसी, एलर्जी और अस्थमा जैसी समस्याओं से ग्रस्त होकर अस्पतालों में पहुंच रहे हैं। उन्होंने कहा कि हवा में जहरीले कणों और धुएं के कणों की मात्रा बढ़ गई है, जिससे फेफड़ों पर सीधा असर पड़ता है। इससे लोगों को सांस लेने में दिक्कतें आ रही हैं और अस्थमा जैसे रोग अधिक गंभीर हो रहे हैं।
डॉ. गिढ़वाल ने लोगों से अपील की है कि वे बढ़ते प्रदूषण को ध्यान में रखते हुए सावधानी बरतें। उन्होंने सलाह दी कि घर से बाहर निकलने पर मास्क का इस्तेमाल अवश्य करें, ताकि प्रदूषित हवा से बचाव हो सके। विशेषकर बुजुर्ग लोगों को सुबह या शाम की सैर पर न जाने की सलाह दी है, क्योंकि इन समयों में प्रदूषण अधिक रहता है। इसके साथ ही, केवल आवश्यक काम होने पर ही घर से बाहर निकलें और बच्चों को भी बाहर खेलने से बचाएं।
फरीदाबाद में बढ़ते प्रदूषण के कारण न केवल अस्पतालों में मरीजों की संख्या बढ़ रही है, बल्कि लोगों की सेहत भी बुरी तरह प्रभावित हो रही है। ऐसे में जरूरी है कि सभी लोग प्रदूषण से बचने के उपाय अपनाएं और अपनी सेहत का ध्यान रखे।




