




Inkhabar Haryana, Haryana AQI: हहरियाणा और उसके आसपास के इलाकों में वायु प्रदूषण का स्तर लगातार खतरनाक बना हुआ है। इस प्रदूषण के कारण न सिर्फ लोगों का जीवन प्रभावित हो रहा है, बल्कि स्कूलों का संचालन भी बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। हरियाणा के 14 जिलों में से सिर्फ दो जिलों में ही स्कूल खुले हैं, जबकि बाकी जिलों में आज भी स्कूल बंद हैं। यह फैसला मुख्य रूप से वायु गुणवत्ता के खराब स्तर के कारण लिया गया है। हालांकि कुछ जिलों में स्थिति में सुधार की उम्मीद है, लेकिन प्रदूषण की स्थिति अभी भी चिंताजनक बनी हुई है।
हरियाणा के जिलों में प्रदूषण का स्तर काफी गंभीर हो गया है, जिसके कारण ज्यादातर स्कूलों को बंद करना पड़ा है। फरीदाबाद, गुरुग्राम, सोनीपत, चरखी दादरी और झज्जर जैसे प्रमुख जिलों में अभी भी स्कूल बंद हैं। इन जिलों में प्रदूषण का स्तर लगातार खतरनाक सीमा को पार कर रहा है और इसके कारण बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर चिंता जताई जा रही है। पर्यावरणविदों का कहना है कि प्रदूषण का स्तर अभी भी काफी अधिक है, हालांकि पिछले कुछ दिनों में इसमें थोड़ी कमी आई है।
हरियाणा के दो जिलों करनाल और जींद में आज स्कूल खुले हैं। इन जिलों के जिला कलेक्टरों (डीसी) ने बच्चों की पढ़ाई को ध्यान में रखते हुए स्कूल खोलने का फैसला किया। इसके साथ ही पानीपत में भी मंगलवार से स्कूल खुलेंगे।
मौसम विभाग के अनुसार अगले दो दिन मौसम साफ रहने की उम्मीद है, जिससे प्रदूषण के स्तर में कमी आने की उम्मीद है। मौसम साफ रहने से दिन और रात के तापमान में भी बढ़ोतरी होने की संभावना है। यह भी कहा जा रहा है कि अब धुंध का असर कम होगा, जिससे प्रदूषण में कुछ राहत मिल सकती है।
बता दें कि, मौसम साफ होने से थोड़ी राहत मिली है, लेकिन प्रदूषण का असर अभी भी बना हुआ है। प्रदेश के कई जिलों में AQI 300 से ऊपर रहा, जिसे खतरनाक माना जाता है। पलवल में AQI 77 रहा, जो बेहतर स्थिति को दर्शाता है, जबकि फरीदाबाद में यह आंकड़ा 293 पर पहुंच गया। इस दौरान फरीदाबाद में AQI का स्तर भी 500 तक पहुंच गया, जो बेहद खतरनाक है। हालांकि स्थिति में सुधार हो रहा है, लेकिन प्रदूषण के खतरे से निपटने के लिए अभी भी एहतियात बरतने की जरूरत है।




