




गुरुवार को हरियाणा के झज्जर, फतेहाबाद, रोहतक और हिसार जैसे जिलों में घनी धुंध छाई रही। सुबह के समय धुंध के कारण वाहन चालकों को खासा संघर्ष करना पड़ा। दृश्यता कम होने की वजह से सड़क हादसों की आशंका भी बढ़ गई। दूसरी ओर, ठंडी हवाओं के कारण रात का तापमान कई जगहों पर पांच डिग्री से नीचे दर्ज किया गया।
हिसार जिले के बालसमंद में बुधवार को रात का न्यूनतम तापमान 0.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इस सर्दी का सबसे निचला स्तर था। हालांकि, गुरुवार को इसमें मामूली वृद्धि देखी गई। पहाड़ों पर लगातार हो रही बर्फबारी का असर यहां के तापमान पर साफ नजर आ रहा है।
सर्दी के साथ-साथ प्रदूषण ने भी लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। रोहतक की हवा प्रदेश में सबसे खराब स्थिति में है। यहां का AQI 404 दर्ज किया गया, जो “गंभीर” श्रेणी में आता है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह स्थिति स्वास्थ्य के लिए अत्यंत हानिकारक है।
मौसम विभाग ने 21 दिसंबर से नए पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने की संभावना जताई है। इसके चलते आसमान में आंशिक बादल छा सकते हैं, जिससे रात के तापमान में हल्की वृद्धि हो सकती है। हालांकि, सर्दी के तेवर फिलहाल कम होने के आसार नहीं हैं।




