Advertisement
Advertisement
होम / Haryana Weather Update: हरियाणा में भीषण गर्मी का कहर, जून की शुरुआत से ही तापमान 45°C पार, कई जिलों में लू का अलर्ट जारी

Haryana Weather Update: हरियाणा में भीषण गर्मी का कहर, जून की शुरुआत से ही तापमान 45°C पार, कई जिलों में लू का अलर्ट जारी

BY: • LAST UPDATED : June 10, 2025
Inkhabar Haryana, Haryana Weather Update: हरियाणा इन दिनों प्रचंड गर्मी की चपेट में है। जैसे-जैसे जून का महीना आगे बढ़ रहा है, वैसे-वैसे सूरज की तपिश और गर्म हवाओं ने आम जनजीवन को बेहाल कर दिया है। मौसम विभाग के अनुसार राज्य में इस सप्ताह के दौरान तापमान 45 डिग्री सेल्सियस से भी ऊपर जा सकता है, जो सामान्य से कई डिग्री अधिक है। खासकर पश्चिमी और दक्षिणी हरियाणा के जिलों में हीटवेव यानी लू की गंभीर चेतावनी जारी की गई है।

सबसे ज्यादा असर पश्चिमी हरियाणा में

सबसे अधिक गर्मी का असर सिरसा, फतेहाबाद, हिसार, जींद और रोहतक जिलों में देखा जा रहा है। यहां दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहता है, लोग जरूरी होने पर ही घरों से बाहर निकल रहे हैं। सिरसा जिले में अब तक इस सीजन का सबसे गर्म दिन रिकॉर्ड किया गया है, जहां तापमान 46 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया।

अन्य जिलों में भी बढ़ा खतरा

पश्चिम हरियाणा के अलावा राज्य के आठ अन्य जिलों कैथल, कुरुक्षेत्र, अंबाला, गुरुग्राम, फरीदाबाद, मेवात, पलवल और करनाल—में भी हीटवेव को लेकर अलर्ट जारी किया गया है। इन क्षेत्रों में तेज धूप के साथ-साथ लपट जैसी गर्म हवाएं चल रही हैं, जिससे लोगों को दिन के समय घरों में ही रहने की सलाह दी गई है।

Advertisement

स्वास्थ्य विभाग की चेतावनी

गर्मी के बढ़ते असर को देखते हुए हरियाणा स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को लू से बचाव के लिए जरूरी उपाय अपनाने की सलाह दी है। इसमें धूप में अधिक समय तक रहने से बचना, हल्के कपड़े पहनना, खूब पानी पीना, और दोपहर 12 से 3 बजे के बीच बाहर न निकलने की हिदायत शामिल है। विशेष रूप से बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने की आवश्यकता बताई गई है।

कृषि और जनजीवन पर असर

भीषण गर्मी का असर खेती-किसानी पर भी पड़ने लगा है। जिन इलाकों में अभी धान या कपास की बुआई शुरू होनी थी, वहां किसान चिंतित हैं। जलस्तर में गिरावट और नहरों में पानी की कमी के चलते खेत सूखे पड़ रहे हैं। वहीं, शहरों में बिजली की खपत में भारी इजाफा हुआ है, जिससे कई क्षेत्रों में अघोषित कटौती भी देखने को मिल रही है।