Inkhabar Haryana, Haryana Weather Update: हरियाणा में इस साल का मानसून मिलाजुला रहा है। राज्य के कुछ जिलों में जहां अच्छी बारिश देखने को मिली है, वहीं कई इलाके अभी भी सामान्य से कम वर्षा के कारण सूखे की आशंका से जूझ रहे हैं। अगस्त महीने के पहले सप्ताह तक का आंकड़ा देखें तो बारिश का वितरण असमान रूप से देखने को मिल रहा है।
आज कहां हो सकती है बारिश?
मौसम विभाग के अनुसार, 8 अगस्त 2025 को हरियाणा के कई जिलों में बारिश की संभावना जताई गई है। 25% से 50% क्षेत्र में बारिश होने की संभावना वाले जिले हैं पंचकूला, यमुनानगर, करनाल, पानीपत, सोनीपत, गुरुग्राम, फरीदाबाद, पलवल, मेवात (नूंह), रेवाड़ी और महेंद्रगढ़। 25% क्षेत्र में बारिश होने की संभावना जिन जिलों में है कि अंबाला, कुरुक्षेत्र, कैथल, जींद, रोहतक, झज्जर, चरखी दादरी, भिवानी, हिसार, सिरसा और फतेहाबाद। इन अनुमानों के अनुसार, दक्षिणी-पश्चिमी हरियाणा और कुछ उत्तरी जिले हल्की से मध्यम बारिश की चपेट में आ सकते हैं।
किस जिले में कितनी हुई बारिश अब तक?
मानसून सीजन की शुरुआत से लेकर अब तक राज्य में बारिश का आंकड़ा कुछ इस प्रकार रहा है कि सबसे अधिक बारिश यमुनानगर जिले में दर्ज की गई है, जहां 627.3 मिमी वर्षा हुई है। इसके बाद रेवाड़ी, नूंह (मेवात), और महेंद्रगढ़ जिलों में भी 400 मिमी से अधिक बारिश रिकॉर्ड की गई है।
इन चार जिलों में बारिश का स्तर सामान्य माना जा सकता है। वहीं दूसरी ओर सबसे कम बारिश कैथल में 151 मिमी और जींद में 155.9 मिमी दर्ज की गई है, जो सामान्य से काफी नीचे है। सामान्य से कम वर्षा वाले जिलों में शामिल हैं कि सोनीपत, पानीपत, पंचकूला, करनाल, कैथल, जींद, फरीदाबाद और अंबाला।
10 अगस्त के बाद फिर बदल सकता है मौसम
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, 10 अगस्त के बाद से एक नया पश्चिमी विक्षोभ हरियाणा की ओर रुख करेगा, जिससे प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में एक बार फिर से मूसलाधार बारिश हो सकती है। इसका असर विशेष रूप से उत्तर और दक्षिण हरियाणा के क्षेत्रों में अधिक देखा जा सकता है। इस दौरान जलभराव और ट्रैफिक प्रभावित होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता, इसलिए प्रशासन और आम नागरिकों को सतर्क रहने की जरूरत है।