




मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, जनवरी के अंत में ही पश्चिमी विक्षोभ का असर दिखने लगेगा। 31 जनवरी की रात से लेकर 1 फरवरी तक हरियाणा, पंजाब, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और राजस्थान के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश हो सकती है। इसके अलावा, 2 फरवरी को सुबह के समय हल्की धुंध छाने की संभावना भी जताई गई है। वहीं, तीन फरवरी को एक और पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा, जिससे कई इलाकों में बारिश होगी और तापमान में गिरावट आएगी।
कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, इस बारिश का गेहूं, सरसों और अन्य रबी फसलों को लाभ मिलेगा। फरवरी माह में हल्की बारिश से फसलों को नमी प्राप्त होगी, जिससे उनकी गुणवत्ता में सुधार आएगा। इसके अलावा, तापमान में हल्की गिरावट होने से फसल वृद्धि के लिए अनुकूल परिस्थितियां बनेंगी।
मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में बारिश होने से न्यूनतम और अधिकतम तापमान में गिरावट दर्ज की जाएगी। फिलहाल, दिन में तेज धूप खिलने से तापमान में बढ़ोतरी हो रही है, लेकिन पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से यह गिरावट दर्ज करेगा। पांच फरवरी तक हरियाणा सहित उत्तर भारत के कई हिस्सों में मौसम परिवर्तनशील बना रहेगा।




