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Heatwave Alert in Haryana: नौतपा से पहले हरियाणा में बरपा लू का कहर, मई में भीषण गर्मी ने तोड़ें सारे रिकॉर्ड, पारा पहुंचा 45 डिग्री पार

BY: • LAST UPDATED : May 19, 2025
Inkhabar Haryana, Heatwave Alert in Haryana: हरियाणा के महेंद्रगढ़ जिले में नौतपा की औपचारिक शुरुआत 25 मई से होनी है, लेकिन गर्मी ने इससे पहले ही अपना भीषण रूप दिखाना शुरू कर दिया है। मई महीने में पहली बार महेंद्रगढ़ का अधिकतम तापमान 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। इस असामान्य गर्मी ने आमजन की मुश्किलें काफी बढ़ा दी हैं और लोग दिन के समय घरों से बाहर निकलने में कतराने लगे हैं।

तापमान में लगातार बढ़ोतरी

मई के पहले दो सप्ताह तक महेंद्रगढ़ में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ था। लेकिन जैसे-जैसे तीसरा सप्ताह शुरू हुआ, गर्मी ने अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिए। महेंद्रगढ़ का तापमान अब 45 डिग्री तक पहुंच चुका है। हरियाणा और एनसीआर क्षेत्र में रोहतक का तापमान 45.3 डिग्री के साथ पहले स्थान पर रहा, जबकि महेंद्रगढ़ 45 डिग्री के साथ दूसरे और हिसार 44.8 डिग्री के साथ तीसरे स्थान पर रहा।

हीट वेव और लू का असर

मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्र मोहन के अनुसार, थार रेगिस्तान से आ रही पश्चिमी शुष्क और गर्म हवाएं और तेज धूप मिलकर प्रदेश में हीट वेव जैसी स्थिति पैदा कर रही हैं। सुबह से ही 10-15 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली ये हवाएं दोपहर तक लू में तब्दील हो रही हैं, जिससे आमजन को झुलसाने वाली गर्मी का अनुभव हो रहा है। इन हवाओं के कारण वातावरण में नमी तेजी से खत्म हो रही है, जिससे गर्मी और अधिक असहनीय हो गई है।

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बाजारों में सन्नाटा, बीमारियों का बढ़ा खतरा

तेज गर्मी और लू के कारण दोपहर के समय बाजारों में सन्नाटा पसरा रहता है। लोग जरूरी होने पर ही घरों से बाहर निकल रहे हैं। दुकानदार ग्राहकों के इंतजार में खाली बैठे नजर आ रहे हैं। इस झुलसा देने वाली गर्मी ने लोगों को शारीरिक रूप से भी प्रभावित करना शुरू कर दिया है। डिहाइड्रेशन, लू लगना, पेट खराब होना और फूड पॉइजनिंग जैसे मामले बढ़ते जा रहे हैं। कुलर की हवा तक रात को गर्म महसूस होने लगी है। गर्मी में डायरिया, हैजा और टाइफाइड जैसे संक्रामक रोगों की आशंका भी बढ़ गई है।

पशु-पक्षी भी परेशान, तरल पदार्थों की मांग में उछाल

सिर्फ इंसान ही नहीं, बल्कि जानवर और पक्षी भी इस भीषण गर्मी से परेशान हैं। लोग खुद को राहत देने के लिए तरल पदार्थों का सेवन कर रहे हैं। गन्ने का रस, शिकंजी और आइसक्रीम जैसी चीजों की मांग अचानक से बढ़ गई है। दुकानदारों के अनुसार, ठंडे पेय पदार्थों की बिक्री में भारी इजाफा हुआ है, जिससे उनका व्यापार तो बढ़ा है, लेकिन ग्राहक पसीने में तर-ब-तर और गर्मी से बेहाल नजर आ रहे हैं।

एक दुकानदार ने बताया कि गर्मी इतनी ज्यादा है कि लोग दोपहर के समय बाजारों में आना नहीं चाहते। जो भी आता है, सबसे पहले ठंडा पानी या शिकंजी मांगता है। वहीं एक राहगीर ने कहा कि गमछा, पानी की बोतल और तरल पदार्थों के बिना घर से निकलना अब जोखिम भरा हो गया है।