




Inkhabar Haryana, Improve Air Quality: हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (एचएसपीसीबी) ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में वायु गुणवत्ता सुधारने के लिए नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इन दिशा-निर्देशों का मुख्य उद्देश्य डीजल जेनरेटर सेटों (डीजी सेट) के उपयोग को नियंत्रित करना है। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने इन नियमों का पालन करना अनिवार्य किया है।जिस किसी के पास डीजल जेनरेटर है, उसे इन दिशा-निर्देशों का पालन करना होगा। अगर कोई इसका उल्लंघन करता है, तो प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड कानूनी कार्रवाई कर सकता है।
अतिरिक्त उपायुक्त (एडीसी) यश जालुका ने एक बैठक में कहा कि वायु प्रदूषण का सबसे बुरा असर बच्चों और बुजुर्गों पर पड़ता है। एडीसी ने निर्देश दिए कि 10 साल पुराने डीजल और 15 साल पुराने पेट्रोल वाहनों पर प्रतिबंध लगाया जाए। निर्माण कार्यों में धूल को नियंत्रित करने के लिए नियमित रूप से पानी का छिड़काव करना होगा। साथ ही, निर्माण सामग्री को ठीक से ढककर और सुरक्षित तरीके से परिवहन करने के आदेश दिए गए हैं।
रविवार को हुई बैठक में एंटी स्मॉग गन के उपयोग पर भी जोर दिया गया। एडीसी ने यह भी बताया कि हरियाणा के वन विभाग के साथ मिलकर हरियाली बढ़ाने की जरूरत है। रेजिडेंशियल वेलफेयर एसोसिएशनों (आरडब्ल्यूए) को सर्दियों में अपने सुरक्षा कर्मियों को इलेक्ट्रॉनिक हीटर प्रदान करने के लिए कहा गया है, ताकि वे कचरा जलाने से बच सकें। अंत में, 500 वर्ग मीटर या उससे बड़े सभी निर्माण कार्यों के लिए डस्ट पोर्टल पर पंजीकरण अनिवार्य है। इससे धूल प्रदूषण की निगरानी आसान होगी।
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