महाकुंभ के पावन अवसर पर जानें मौनी अमावस्या और इसका महत्व क्या है?
मौनी अमावस्या का दिन सनातन धर्म में विशेष महत्व रखता है। खासकर जब यह खास दिन महाकुंभ के पावन मौके पर पड़े।
मौनी अमावस्या को माघ अमावस्या के रूप में भी जाना जाता है। महाकुंभ के खास मौके पर यह का पवित्र दिन अमृत स्नान से जोड़ा गया है।
इस मौके पर भारी मात्रा में श्रद्धालु प्रयागराज के त्रिवेणी संगम पर पहुंच आस्था की डुबकी लगा रहें है।
ऐसे में जानें की मौनी अमावस्या और इसका महत्व क्या है?
मौनी का अर्थ है- चूप या शांत रहना।
मौनी अमावस्या का महत्व पितरों के तर्पण से है। इस दिन लोग नदियों के घाट पर जाकर अपने पितरों का तर्पण और दान- पुण्य करते है।
इस दिन लोग गंगा, यमुना नदियों और खासकर त्रिवेणी संगम में स्नान करने आते हैं।
मौनी अमावस्या के दिन मौन व्रत का खास महत्व है। इस दिन कुछ श्रद्धालु पूरे दिन मौन व्रत रखते हैं। इसका उद्देश्य खुद के मन के भीतर झांकना और खुद को पहचानना है।